कलक्ट्रेट पर भूख हड़ताल के दौरान धरना देतीं आशा कार्यकर्ता ।संवाद
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एटा। आशा कार्यकर्ताओं ने दिन-रात धरने के साथ ही सोमवार से भूख हड़ताल शुरू कर दी है। अपनी चार सूत्री मांगों को लेकर कलक्ट्रेट पर दो दिसंबर से आंदोलन कर रही हैं, लेकिन कोई आश्वासन और सुनवाई न होने पर अब भूख हड़ताल का निर्णय लिया है। आशा कार्यकर्ता और अपनी आवाज सामाजिक संगठन की प्रदेश अध्यक्ष पुष्पादेवी ने बताया कि वह दो दिसंबर से कलक्ट्रेट स्थित धरना स्थल पर बैठी हुई हैं।
रविवार को बूथ अध्यक्ष सम्मलेन में आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने का भी प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने सुबह से ही धरना स्थल पर डेरा डाल दिया। किसी तरह कुछ कार्यकर्ता कार्यक्रम स्थल पर पहुंची भी तो वहां पुलिस ने प्रवेश नहीं करने दिया। इसको लेकर सोमवार सुबह से भूख हड़ताल शुरू कर दी है। शाम तक कोई नहीं पहुंचा, यहां सैकड़ों की संख्या में आशा कार्यकर्ता जुटी रहीं और शासन और प्रशासन पर परेशान करने का आरोप लगाया।
ये हैं आशा कार्यकर्ताओं की मांगें
प्रदेश अध्यक्ष पुष्पादेवी का कहना है कि आशा कार्यकर्ताओं को शासकीय कर्मचारी घोषित किया जाए। मजदूरी के हिसाब से मानदेय निर्धारित करें। यात्रा व स्टेशनरी खर्च और प्रशिक्षण देकर एएनएम के पद पर प्रोन्नत किया जाए।