एटा। नगर पालिका के संपत्ति लिपिक पर एक फाइल गायब करने के मामले में एफआईआर दर्ज हो चुकी है। इसके बावजूद पालिका ने बाबू का निलंबन तो दूर पटल तक नहीं बदला। वह वर्तमान में भी पटल की पूरी जिम्मेदारी संभाल रहा है।
नगर पालिका परिषद में कई बाबू के नियम विरुद्ध काम करने की शिकायतें हैं। संपत्ति लिपिक यशवीर यादव पर एक फाइल गायब करने के मामले में जिलाधिकारी अंकित अग्रवाल के निर्देश पर पालिका के अधिशासी अधिकारी डॉ. दीप वार्ष्णेय ने 17 जुलाई को कोतवाली नगर में एफआईआर दर्ज कराई थी।
एफआईआर दर्ज होने के बाद कुछ दिन संपत्ति लिपिक कार्यालय में नहीं आया। लेकिन एक सप्ताह बाद फिर काम करने लगा। एफआई दर्ज होने के बावजूद पालिका ने लिपिक पर कोई विभागीय कार्रवाई नहीं की। लिपिक दो माह से अधिक समय से कार्यालय में काम कर रहा है। ईओ ने बताया कि एफआईआर दर्ज होने के बाद लिपिक के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए पालिकाध्यक्ष को पत्र भी लिखा था। लेकिन उसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई।
गलत और निराधार तथ्यों के आधार पर संपत्ति लिपिक के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई गई थी। जिसके चलते विभागीय कार्रवाई नहीं की गई।
- मीरा गांधी, पालिकाध्यक्ष एटा