एटा। मंगलवार देर शाम से शुरू हुई रिमझिम बारिश बुधवार दोपहर तक रुक-रुक कर होती रही। जिसके चलते शहर की सूरत बिगड़ गई। गली-मोहल्लों में जगह-जगह कीचड़ और फिसलन हो गई। हालांकि इस बारिश का खेती पर मिलाजुुला असर है। गेहूं की फसल करने वाले किसान खुश हैं। आलू, सरसों और टमाटर के किसानों के लिए चिंता है।
रात में हुई रिमझिम के बाद बुधवार सुबह करीब 8.30 बजे घने काले बादल छा गए। थोड़ी ही देर में तेज हवा के साथ बूंदाबांदी होनी लगी। दोपहर करीब एक बजे तक रुक-रुक कर बारिश होती रही। जिसके चलते लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल रहा। सड़कों, बाजारों पर सन्नाटे जैसी स्थिति नजर आई। जरूरी काम से निकलने वाले बहुत कम लोग ही आते-जाते दिखे।
इन इलाकों में बुरे रहे हालात
आगरा रोड स्थित श्याम विहार कॉलोनी, नगला पोता, किदवई नगर, नेहरू नगर, रेवाड़ी मोहल्ला में कहीं कीचड़ तो कहीं फिसलन हो गई। जिसके चलते लोगों को निकलने में काफी दिक्कत का सामना करना पड़ा। कई पैदल और दोपहिया वाहन सवार फिसलते देखे गए। वहीं जीटी रोड स्थित सिंधी कॉलोनी, किदवई नगर में सीवर लाइन का काम होने की वजह से लोगों की आवाजाही तक नहीं हो पाई। घंटाघर, हाथी गेट में जलभराव की स्थिति रही।
गेहूं को फायदा, टमाटर व सरसों में नुकसान
वरिष्ठ प्राविधिक कृषि रक्षा त्रिबल सिंह ने बताया कि मंगलवार रात और बुधवार को हुई बारिश से गेहूं की फसल को फायदा हुआ है। इसके लिए बारिश अमृत समान है। वर्तमान में किसान गेहूं की फसल में सिंचाई कर रहा है, जिसका खर्चा बचा है। वहीं टमाटर व सरसों को नुकसान होने की आशंका है। बारिश से टमाटर में काले धब्बे पड़ सकते हैं। जिससे इसकी कीमत में गिरावट आएगी। वहीं पिछैती सरसों में माऊ लगने की आशंका है। जिससे उत्पादन कम हो सकता है। बारिश की वजह से आलू की खोदाई देरी से होगी।
बारिश से तापमान में आई गिरावट
बारिश और तेज हवाएं चलने से तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। मंगलवार को निकली तेज धूप ने लोगों को गर्मी का अहसास करा दिया था, लेकिन बारिश के बाद अधिकतम तापमान में 5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट के साथ बुधवार को यह 18 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं न्यूनतम तापमान में तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट के साथ यह 10 डिग्री सेल्सियस रहा।