एटा। अक्षय तृतीया पर इस बार सराफा बाजारों में सन्नाटा है। इस कारण सोने से बने आभूषण खरीदने का शुभ मुहूर्त फीका है। लोगों को सोना न खरीद पाने की कसक है। तो सराफा व्यापारियों को करोड़ों रुपये का कारोबार प्रभावित होने की चिंता है। वह प्रशासन से दो दिन कारोबार की मोहलत मांग रहे हैं। सराफा व्यापार संघ के अध्यक्ष वीरेंद्र गुप्ता के अनुसार अक्षय तृतीया के लगभग एक सप्ताह तक हर दिन जिले में एक से दो करोड़ रुपये का कारोबार होता था। इस बार व्यापारियों को तो नुकसान है ही, ग्राहक भी परेशान हैं। खासतौर से शादी वाले घरों के लोगों के लिए बड़ी समस्या खड़ी हो गई है। कारोबार ठप होने से सरकार को टैक्स के रूप में मिलने वाला राजस्व भी बंद हो गया है।
शादियों का जश्न भी फीका
अक्षय तृतीया को विवाह के लिए अबुझ मुहूर्त माना जाता है। हर साल 100 से अधिक शादियां इस दिन हो जाती थीं। लेकिन इस बार यह जश्न भी फीका है। कोरोना संक्रमण के चलते बेहद कम संख्या में इस दिन शादी तय हैं।
लोग बोले:
अक्षय तृतीया पर सोने की कोई चीज खरीदना शुभ माना जाता है। लेकिन इस बार लग नहीं रहा कि कुछ खरीद पाएंगे। सभी दुकानें ही बंद चल रही हैं। -आरती, गृहणी
यूं तो कोरोना ने सभी को आर्थिक रूप से भी कमजोर किया है। फिर भी शगुन के तौर पर लोग छोटी-मोटी चीज खरीदना चाहते हैं। लेकिन ऐसा संभव नहीं लग रहा। - ममता, गृहणी
पुराने और कुछ नए ग्राहक आभूषण के आर्डर नोट कराने के लिए फोन करते हैं। लेकिन दुकानें बंद रहने के कारण उन्हें मना कर रहे हैं। लोग मंगलसूत्र तक के लिए परेशान हैं। - वीरेंद्र गुप्ता, अध्यक्ष सराफा व्यापारी संघ
शासन और प्रशासन से जारी निर्देशों का पालन करते हुए फिलहाल दुकानें बंद कर रखी हैं। प्रशासन अनुमति देता है तो कोविड गाइडलाइन के तहत बिक्री की जाएगी। - अशोक कुमार चौहान, महामंत्री सराफा व्यापारी संघ