अलीगंज रोड स्थित विकास भवन परिसर में धरने पर बैठे जिला पंचायत अधिकारी व सचिव। संवाद
एटा। अलीगंज रोड पर विकास भवन परिसर में मंगलवार को ग्राम पंचायत सचिव का धरना चौथे दिन भी जारी रहा। सचिवों की संघर्ष समिति ने निलंबित दो सचिवों की बहाली की मांग को लेकर आंदोलन जारी रखने की बात कही। वहीं सीडीओ ने साफ कहा है कि कार्रवाई भी होगी और उनके समर्थन में धरना दे रहे सचिवों का भी वेतन काटा जाएगा।
मुख्य विकास अधिकारी डॉ. नागेंद्र नारायण मिश्र ने 1 नवंबर को निरीक्षण के दौरान सचिवालय बंद व परिसर में गंदगी मिलने पर दो सचिवों पर कार्रवाई की थी। कार्रवाई से नाराजगी जताते हुए सचिवों ने संघर्ष समिति के बैनर तले विकास भवन परिसर में धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया।
मंगलवार को संघर्ष समिति के जिलाध्यक्ष ने सुरेंद्र कुमार व रजनीश कुमार ने कहा कि सचिव दिन-रात गांवों में जनकल्याणकारी योजनाओं को लागू करने में जुटे रहते हैं लेकिन प्रशासन द्वारा बिना नोटिस दिए कार्रवाई की गई। निलंबित सचिवों को शीघ्र बहाल किया जाना चाहिए।
उधर धरने पर सीडीओ ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि धरना देने से ग्राम पंचायतों के विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं जो किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। निलंबन के संबंध में जांच समिति गठित की गई है।
समिति की रिपोर्ट के आधार पर निलंबित सचिवों से उनके जवाब तलब किए जाएंगे। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। जो भी सचिव या ग्राम पंचायत अधिकारी कार्य से अनुपस्थित रहकर धरना दे रहे हैं, उनका वेतन काटा जाएगा।