एटा। परिवहन निगम में दुबारा से विकलांगों के लिए नि:शुल्क और छूट पर यात्रा देने के शासनादेश के बाद एक बार फिर से सीएमओ कार्यालय पर विकलांगों की भीड़ उमड़नी शुरू हो गई है। इसके चलते प्रमाण पत्र बनवाने के लिए मजबूर लोगों को संबंधित कार्यालय के लगातार चक्कर काटने पड़ रहे हैं। इसे लेकर विकलांगों में विभाग के प्रति रोष दिखाई दे रहा है।
परिवहन निगम की बसों में बीच में नि:शुल्क और छूट पर यात्रा करने की शासन ने रोक लगा दी थी। हाल में ही जनवरी माह में इसे दुबारा से शासन ने स्वीकृति दे दी है। इसके चलते विकलांग लोग अपने-अपने प्रमाण पत्रों को बनवाने के लिए कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं। लेकिन वहां बैठे कर्मचारी और अधिकारी उनसे बार-बार कार्यालयाें के चक्कर कटवा रहे हैं। गुरुवार को सीएमओ कार्यालय पर प्रमाण पत्र बनवाने के लिए पहुंचे ओमप्रकाश ने बताया कि वह हाथ, पांव दोनों से विकलांग है। लेकिन चिकित्सक लोग उसका प्रमाण पत्र केवल 40 प्रतिशत विकलांगता का ही बना रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ हरी सिंह एक पैर से विकलांग है जबकि उसकी पत्नी मीना दोनों पैरों से विकलांग है। जिसके चलते वह विकलांग प्रमाण पत्र बनवाने के लिए पिछले सप्ताह से विभाग के कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं। लेकिन अभी तक उनका प्रमाण पत्र नहीं बन सका है।