मारहरा (ब्यूरो)। थाना क्षेत्र के ग्राम कांतौर में सदियों पुराने कांतौरी देवी मंदिर के जीर्णोेद्धार के बाद श्रद्धालुओं ने मंदिर परिसर में हवन-पूजा अर्चनाकर भजन कीर्तन किया।
गांव कांतौर स्थित मां कांतौरी देवी के प्राचीन मंदिर का जीर्णोद्धार सभी के सहयोग से कराया गया। मंदिर में गांव के ही नहीं निकटवर्ती गांवों के लोगों की भी अपार श्रद्धा है। गांव के लोगों ने बताया कि यह देवी सिद्ध देवी हैं। मान्यता है कि सदियों पूर्व मातारानी की भक्त कांतोरी देवी की इच्छा के बिना उनके परिजनों ने उनका विवाह तय कर दिया। उनकी बारात गांव में आई। ऐसे में पूरी की पूरी बारात पत्थर की हो गई। तभी से गांव का नाम कांतोेर रख दिया गया। तभी से मां कांतौरी देवी की आस्था में लोग यहां मनौती मांगने आते हैं। बुजुर्गों की मानें तो माता की मूर्तियों को निकटवर्ती गांव धरपसी के लोगों ने ले जाना चाहा लेकिन वह सफल नहीं हुए। बताते चलें कि ग्रामीणों ने चंदा एकत्रित कर मंदिर का जीर्णोद्धार कराया है।