एटा। बारिश का मौसम चल रहा है। ऐसे में बच्चे दस्त का शिकार हो रहे हैं। कुछ बच्चे डायरिया की चपेट में भी आ रहे हैं। मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभाग में बृहस्पतिवार को 45 बीमार बच्चे लाए गए। इनमें से गंभीर हालत वाले तीन बच्चों को भर्ती किया गया।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अनंत व्यास ने बताया कि संक्रमित पानी, भोजन आदि की वजह से बारिश के मौसम में डायरिया पैर पसारता है। ऐसे में मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी से लेकर ओपीडी में बच्चे दस्त की समस्या के अधिक पहुंच रहे हैं। बृहस्पतिवार को बाल लोग विभाग में डॉ. एबी सिंह सहित अन्य चिकित्सक मरीजों को देख रहे थे। बताया कि सर्दी के साथ दस्त के बच्चे अधिक रहते हैं। गंभीर बच्चों को वार्ड में भर्ती कर उपचार किया जाता है।
बृहस्पतिवार को वार्ड में 3 बच्चे भर्ती किए गए। जबकि वार्ड में कुल 11 बच्चे भर्ती थे। इनमें से 4 बच्चे डायरिया से ग्रसित थे। अन्य बच्चों को दस्त के साथ बुखार व सर्दी की समस्या थी। वहीं, एक बच्चे के ऑक्सीजन लगी हुई थी। उसके परिजन ने बताया कि बुधवार को दस्त की समस्या हो गई थी।
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ये हैं लक्षण
लगातार तीन से ज्यादा बार दस्त होना।
बुखार आना, सुस्त होना।
मचली-उल्टी होना।
पेट के निचले भाग में दर्द होना।
आंख सूखी व सिकुड़ी दिखना।
मुंह व जीभ का सूखना।
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ऐसे कर सकते हैं बचाव
- भोजन करने से पहले हाथ धोएं।
- ताजा भोजन करें।
- साफ बर्तनों में ही भोजन करें।
-डायरिया के लक्षण दिखने पर तुरंत डाॅक्टर के पास जाएं।
-बच्चे को ओआरएस घोल, दाल का पानी भी पिलाते रहें।
-नमक और चीनी का घोल बनाकर दे सकते हैं।
-डायरिया में बच्चों को दूध बिल्कुल भी न पिलाएं।
-खाने में वसा युक्त भोजन बिल्कुल शामिल न करें।