एटा। ओडीओपी (एक जिला एक उत्पाद) योजना में जिले के पीतल और चिकोरी उत्पाद शामिल हैं। इनसे संबंधित कारीगरों का हुनर निखारकर उन्हें पारंगत किया जाएगा। इससे इन उत्पादों का कारोबार बढ़ेगा।
जलेसर के घुंघरू-घंटे सहित अन्य पीतल उत्पाद पहले से ओडीओपी में शामिल हैं। हाल ही में जिला प्रशासन के प्रयास पर प्रदेश शासन ने चिकोरी उत्पाद को भी ओडीओपी में शामिल कर लिया है। इसके साथ ही इनके विस्तार की कवायद शुरू कर दी गई है। उपायुक्त उद्योग प्रेमकांत ने बताया कि ओडीओ प्रशिक्षण एवं टूलकिट वितरण योजना में जिले को 350 अभ्यर्थियों का लक्ष्य दिया गया है।
ओडीओपी में घुंघरू-घंटी एवं अन्य पीतल उत्पाद में 175 तथा चिकोरी उत्पाद में 175 अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण दिया जएगा। इसके बाद अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण प्रमाणपत्र, उन्नत किस्त की टूलकिट एवं मानदेय भी प्रदान किया जाएगा। जो लोग घुंघरू-घंटी एवं अन्य पीतल उत्पाद तथा चिकोरी उत्पाद से जुडे हैं, वह 10 दिवसीय दक्षता कौशल विकास, उद्यमिता विकास प्रशिक्षण के लिए आवेदन कर सकते हैं।
प्रशिक्षण प्रदान कराकर उनको ओडीओपी वित्त पोषण योजनांतर्गत बैंकों के माध्यम से ऋण उपलब्ध कराकर स्वयं का रोजगार स्थापित करने का अवसर दिया जाएगा। अभ्यर्थी अपना आवेदन www.diupmsme.upsdc.gov.in पर 15 जून तक कर सकते हैं। जानकारी के लिए किसी भी कार्यदिवस में कार्यालय जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केंद्र कासगंज रोड पर संपर्क कर सकते हैं।