एटा। बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से जिले में ऐसे गांव चिह्नित किए गए हैं, जहां पर विद्यालय ही नहीं है। गांव के बच्चों को पढ़ने के लिए दूसरे गांव में जाना पड़ता है। ऐसे 35 गांवों में विभाग विद्यालयों का निर्माण कराएगा। इसकी कार्ययोजना बनाकर उच्चाधिकारियों को भेजी गई है।
बीएसए दिनेश कुमार ने बताया जिले में 1691 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं। इनमें एक लाख 27 हजार के करीब विद्यार्थी पढ़ रहे हैं। जिले में ऐसे गांव है जहां विद्यालय ही नहीं है। इन गांव के बच्चों को दूसरे गांव में पढ़ने के लिए भेजा जाता है। विभाग ने ऐसे गांव को चिह्नित किया है और कार्य योजना बनाई है। इसी के तहत जिले में 35 ऐसे स्थान चिह्नित किए गए जहां गांव में विद्यालयों का निर्माण आवश्यक है। इनकी कार्य योजना बनाकर भेजी गई है। शासन से स्वीकृति मिलने के बाद विद्यालयों का निर्माण शुरू करा दिया जाएगा।
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मानक का भी रखा गया ध्यान
बीएसए के अनुसार डेढ़ किलोमीटर से अधिक दो प्राथमिक विद्यालयों के बीच की दूरी नहीं होनी चाहिए। जबकि उच्च प्राथमिक में तीन किलोमीटर की दूरी का प्रावधान है। इसका भी ध्यान रखा गया है। विद्यालयों का निर्माण होने से गांव के बच्चों को सुविधा मिलेगी।
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दिव्यांग शौचालयों के लिए भेजा गया प्रस्ताव
बीएसए ने बताया जिले में 800 दिव्यांग शौचालयों की कार्ययोजना बनाकर भेजी गई है। यह शौचालय परिषदीय विद्यालयों में बनने है। स्वीकृति मिलते ही शौचालयों का भी निर्माण कराया जाएगा।