एटा। महज चार साल की बच्ची यौन दुव्यर्वहार के मामले में विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट विकास गुप्ता ने मंगलवार को फैसला सुनाया। दुष्कर्म के दोषी को 12 साल की कैद और 80 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित करने का आदेश दिया है।घटना को करीब छह साल पहले मारहरा थाना क्षेत्र में अंजाम दिया गया था। बच्ची के पिता ने इसकी रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया कि वह गरीब परिवार का व्यक्ति है। दिल्ली में रहकर मजदूरी करता है। जबकि परिवार यहां रहता है। 23 जनवरी 2018 को उसकी चार वर्षीय बेटी को नीतू जाटव उर्फ नीटू निवासी कस्बा मारहरा अपने साथ ले गया। सरसों के खेत में ले जाकर उसके साथ अश्लील हरकत की। जब बच्ची लौटकर घर आई तो उसके गुप्तांग से खून बह रहा था। उसने पूरी बात अपनी मां को बताई। जब बच्ची की मां रिपोर्ट दर्ज कराने आ रही थी, तो आरोपी नीटू ने जान से मारने की धमकी देकर नहीं जाने दिया। 26 जनवरी 2018 को वह दिल्ली से लौटकर आया और थाने पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई।
पुलिस ने अपनी जांच-पड़ताल पूरी करने के बाद न्यायालय में नीटू के खिलाफ आरोप पत्र भेज दिया। अदालत में सुनवाई के दौरान वादी के अलावा मामले से जुड़े सभी साक्षियों को बुलाया गया। जिनकी गवाही दर्ज की गई। दोनों पक्षाें के तर्क सुनने के बाद न्यायाधीश ने नीटू को दोषी ठहराया। इसके विरुद्ध अपना दंडादेश सुनाया। यह भी कहा है कि 80 हजार रुपये के अर्थदंड की 75 प्रतिशत धनराशि पीड़िता को बतौर मुआवजा दी जाए।
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खुद की भी सात साल की बच्ची
जिस युवक ने महज चार साल की बच्ची के साथ ऐसी घटना को अंजाम दिया। उसकी खुद ही लगभग इतनी ही उम्र की बच्ची है। अदालत में सजा सुनाए जाने से पहले नीटू ने बताया कि उसके माता-पिता और पत्नी की मृत्यु हो चुकी है। सात साल की महज एक बच्ची है। जिसका पालन-पोषण करने वाला वही है। इन सब बातों का हवाला देकर उसने अदालत से रहम की भीख मांगी।