जिस मां ने अपने बेटे को मृत करार देकर एक क्रब तक खुदवाई। कोर्ट में झूठा बयान दिया। वही मां गुरुवार को बीकेटी थाने में कथित मृत बच्चे को जिंदा हालत में लेकर हाजिर हुई। पुलिस ने बच्चे को पिता के सुपुर्द कर दिया।
मामला मडियांव इलाके के गांव समाधानपुरवा निवासी पीएसी कमांडो संतोष यादव व बीकेटी के गांव कोटवा निवासी सुषमा यादव के बीच चल रहे विवाद से जुड़ा है।
पिता को ही नहीं बताया कि हुआ है बेटा
वर्ष 2010 में शादी के बाद कई बातों को लेकर मनमुटाव रहने लगा। उसके बाद, सुषमा अपने मायके कोटवा चली गई। 14 जनवरी, 2011 को सुषमा ने राम मनोहर लोहिया अस्पताल में एक बच्चे को जन्म दिया, लेकिन बच्चे के जन्म होने की जानकारी संतोष को नही दी गई।
ससुराल वालों ने बताया, मर गया बच्चा
संतोष को किसी तरह से जब बच्चे के जन्म होने की जानकारी हुई, तो वह अपनी ससुराल गया। वहां उसे बताया गया कि बच्चे की मौत हो गई है। संतोष को इस बात पर यकीन नहीं हुआ। संतोष ने पूरे मामले की जानकारी की तो उसे ज्ञात हुआ कि बच्चा जिंदा है।
पुलिस ने भी दिया सुषमा का साथ
संतोष ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की। कोर्ट के आदेश पर इस मामले में 5 नवंबर 2012 को संतोष की तहरीर पर सुषमा व उसके कई मायके वालों के खिलाफ बीकेटी थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई।
विवेचना के दौरान पुलिस ने भी सुषमा के बयान के आधार पर कोर्ट में बच्चे की मौत होने की पुष्टि करते हुए रिपोर्ट दाखिल की।
कब्र खुदवाने का मिला आदेश
संतोष पुलिस की इस रिपोर्ट से सहमत नहीं हुआ। उसने कोर्ट से कथित रुप से मृत बच्चे की क्रब खुदवाकर डीएनए टेस्ट कराने की मांग की। कोर्ट ने निर्देश पर डीएम ने 31 मई 2013 को क्रब खुदवाने का आदेश बीकेटी पुलिस को दिया। बीकेटी पुलिस ने 5 जून 2013 को गांव कोटवा में एक क्रब भी खुदवाई।
लेकिन, खाली थी कब्र
क्रब में कुछ भी नहीं निकाला। इसके बाद 8 जुलाई 2013 को बीकेटी पुलिस ने सुषमा यादव, उसके पिता भोला यादव, भाई अखिलेश, विमलेश को नोटिस जारी किया। इस नोटिस पर सुषमा यादव व उसके भाई, पिता गुरुवार को बीकेटी थाने आये। उनके साथ एक बच्चा भी था।
आखिरकार, बाप से मिला बेटा
सुषमा ने इस बच्चे का नाम शुभम उर्फ बंश बताते हुए उसे अपने पति संतोष को बच्चा बताया। पुलिस को दिये गये बयान में सुषमा ने स्वीकार किया कि उसने व उसके पिता व भाई ने जिस बच्चे का मृत बताया था, वह जिंदा है। बाद में पुलिस ने संतोष यादव को बुलाकर बच्चे को सपुर्द कर दिया।
जांच के बाद होगी कार्रवाई
एसओ विनोद यादव ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच के आधार पर आगे की कार्यवाही की जाएगी। जांच में दोषी पाए जाने पर सुषमा, उसके पिता व भाईयों के खिलाफ भी कार्रवाई होगी।
एसओ ने बताया कि अगर बच्चे शुभम उर्फ बंश के पिता संतोष के द्वारा मांग की गई तो बच्चे का डीएनए टेस्ट भी कराया जायेगा।
तो इसलिए बोला था झूठ
सुषमा ने पुलिस को बताया कि उसके पति संतोष ने शादी के बाद उसे प्रताड़ित किया। उसे डर था कि जन्म के बाद संतोष उसके पुत्र की हत्या कर देगा। इसी डर के चलते उसने बच्चे की मौत होने का बयान कोर्ट व पुलिस को दिया था।