उत्तराखंड में आयी भारी तबाही के कारण केदारनाथ के आसपास अब भी फंसे लोगों तक मदद पहुंचाने के लिए सेना 20 किलोमीटर का नया रास्ता बनाएगी।
केदारनाथ में इतनी भीषण तबाही आयी थी कि यहां सेना के हेलीकॉप्टर मदद नहीं पहुंचा पा रहे हैं। वहां पहुंचने का रास्ता भी पूरी तरह ध्वस्त हो चुका है।
ऐसे में बचे हुए स्थानीय लोगों और तीर्थ यात्रियों तक मदद पहुंचाने के लिए सेना ने नया रास्ता बनाने का काम तेजी से शुरू कर दिया है।
यह नया रास्ता 13000 फीट की ऊंचाई पर सोनप्रयाग-गोमकर-देव विष्णु-धनगज गिरी होकर केदारनाथ तक जाएगा।
स्थानीय जिला प्रशासन और एनडीआरएफ की मांग पर लखनऊ स्थित सूर्या कमांड के जवान केदारनाथ पर आम जीवन बहाल करने के लिए नया मार्ग बनाने जा रहे हैं।
बड़ी मुश्किलों का सामना करते हुए सोनप्रयाग में वासुकी गंगा पर 10 जुलाई को पुल बन गया है। चार अधिकारियों सहित इंजीनियरिंग कोर के 21 जवानों ने गोमकारा नदी तक रास्ता बना लिया है।
यह टीम केदारनाथ-देव विष्णु मार्ग को खोलने का प्रयास कर रही है। इस टीम को मदद देने के लिए सेना की एक टुकड़ी ने गोमकारा के पास आगे का रास्ता बनाना शुरू कर दिया है।