लड़कियों से भेदभाव को खत्म करने के लिए प्लान इंडिया ने उनके अधिकारों की रक्षा के लिए ‘क्योंकि मैं लड़की हूं’ अभियान को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में प्रदेश की जानी मानी हस्तियों की मौजूदगी में लांच किया।
अभियान का मकसद प्रदेश के कोने-कोने में लड़कियों से हो रहे भेदभाव को खत्म करना है जिससे उनको सशक्त बनाने के साथ उनको समान अधिकार मिल सके।
'कंधे से कंधा मिलाकर चल रही हैं आज की लड़कियां'
इस दौरान प्रदेश के ग्रामीण विकास मंत्री अरविंद सिंह गोप ने प्रदेश में बालिकाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक पारिवारिक स्थिति पर चिंता करते हुए कहा कि जो सृष्टी की जननी है उसके साथ कैसे भेदभाव किया जा सकता है।
'बेचारी कहा तो दो मुंहतोड़ जवाब'
एवरेस्ट फतह करने वाली अरूणिमा सिन्हा ने लड़कियों को हिम्मत के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि अब समय बदल चुका है और लड़कियों को बेचारी कहने वालों को मुंहतोड़ जवाब देना होगा।
वहीं महिला एंव बाल विकास मंत्री अरुणा कौरी ने परिवारों को आगाह करते हुए कहा कि आप लोग लड़के और लड़की में भेदभाव करने से बचें साथ ही लड़कियों के खानपान और शिक्षा पर लड़कों के बराबर ध्यान दें क्योंकि इक्कीसवीं सदी में देश की लड़कियां लड़कों से कंधे से कंधा मिलाकर चल रही हैं।
इसका ताजा उदाहरण है बोर्ड परीक्षाओं का परिणाम जिसमें लड़कियों ने अपने ज्ञान बल का परचम लहराया है।
इस अवसर पर राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष जरीना उस्मानी ने कहा कि अब उन लोगों की खैर नहीं जो लड़कियों के प्रति भेदभाव की भावना रखते हैं। इसके लिए उन्होंने प्लान इंडिया को हर संभव मदद दिलाने का आश्वासन दिया।