फतेहपुर शहर में एक रैकेट ब्लू फिल्में बना रहा है। रैकेट एक डॉक्टर का पति चला रहा है। उसने खुद को डॉक्टर बताकर शादी रचाई थी।
पत्नी ने रोका तो करने लगा उत्पीड़न
पत्नी ने उसे घिनौना धंधा करने से कई बार रोका लेकिन वह मानने की बजाय पत्नी का उत्पीड़न करने लगा। आखिर आजिज आकर डॉक्टर ने अपने भाई की मदद से समस्त ब्लू फिल्म कैमरे में समेटीं और उसकी सौ से अधिक तस्वीरें लेकर एसपी शिवसागर सिंह के दफ्तर पहुंच गईं।
तो वह डॉक्टर नहीं था?
एसपी ने पूरा मामला ‘डोमेस्टिक वायलेंस सेल’ के हवाले कर दिया है। डॉक्टर ने एसपी को बताया कि उनकी शादी चार वर्ष पूर्व मैट्रीमोनियल के माध्यम से हुई थी। उस समय पति ने भी खुद को डॉक्टर बताया था। ससुराल पहुंचने पर पता चला कि वह डॉक्टर नहीं है।
शादी के साल भर बाद खुली पोल
एक साल बाद उन्हें पति के ब्लू फिल्म के धंधे की जानकारी मिली। धंधे में उसने अपने कई सगे संबंधियों को भी लिप्त कर रखा है। डॉक्टर ने एसपी को बताया कि जब उन्होंने पति को घिनौने धंधे से रोका, वह उनका उत्पीड़न करने लगा।
आजिज आकर रहने लगी थी अलग
तंग आकर वह अपनी मासूम बेटी के साथ अलग रहने लगीं और पूरी बात अपने भाई को बताई। वह जब पहली बार पुलिस से शिकायत करने गईं तो सुबूत मांगा गया। डॉक्टर ने तस्वीरें एसपी को सौंप दीं। सभी तस्वीरों में डॉक्टर का पति मौजूद है। एसपी ने इस मामले को डोमेस्टिक वाइलेंस सेल को सौंप दिया है।