गोरखपुर विश्वविद्यालय के 37 दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि इसरो के चेयरमैन डॉ के सिवन ने कहा मन से भय को निकाले, असफलता से घबराए नहीं, नवाचार के लिए काम करें कामयाबी कदम चूमेगी। डॉक्टर सिवन ने कहा कि हमारी कोशिश है कि टेक्नोलॉजी को सामान्य जन तक आसानी से पहुंच सके।
इससे पहले हुई पत्रकारवार्ता में भी डॉ सिवन ने कई मुद्दों पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि वाराणसी सहित देश के 6 राज्यों में रिसर्च सेंटर खोला जाएगा।
गोरखपुर में भी खुल सकता है रिसर्च सेंटर
चेयरमैन ने कहा कि गोरखपुर ऐसा क्षेत्र है, जहां रिसर्च की सर्वाधिक जरूरत महसूस की जा रही है। गोरखपुर विश्वविद्यालय रिसर्च सेंटर खोलने का प्रस्ताव भेजे तो इसरो सकारात्मक फैसला लेगा। गोरखपुर में रिसर्च सेंटर खोला जा सकता है।
गोरखपुर विश्वविद्यालय
स्वदेशी तकनीक से चंद्रमा पर पहुंचेंगे
चंद्रमा पर पहुंचने के लिए इसरो स्वदेशी तकनीक पर काम कर रहा है। अभी नासा की मदद ली जा रही है। 2021 तक स्वदेशी तकनीक विकसित हो जाएगी। डॉ. शिवन ने कहा कि इसरो की साख दुनिया में बढ़ी है। दुनिया के विकासशील देश भी इसरो की मदद से सेटेलाइट का प्रक्षेपण करा रहे हैं।
गोरखपुर विश्वविद्यालय दीक्षांत
चार सेटेलाइट प्रक्षेपित करके डिजिटल इंडिया योजना को प्रभावी बनाने की कवायद
इसरो प्रमुख ने कहा कि केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण डिजिटल इंडिया योजना को ज्यादा प्रभावी बनाने के लिए चार सेटेलाइट अंतरिक्ष में छोडे़ जाएंगे। दो सेटेलाइट नवंबर, दिसंबर में प्रक्षेपित किए जाने हैं। दो सेटेलाइट 2019 में प्रक्षेपित किए जाएंगे। ऐसा हुआ तो नेटवर्क की समस्या दूर हो जाएगी।