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... तो पॉश कॉलोनी और बस्ती में कोई फर्क नहीं

Sat, 06 Jul 2013 10:40 AM IST
लखनऊ/राकेश वर्मा
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प्राग नरायन रोड स्थित बालू अड्डा मोहल्ले के लोग कभी जलभराव से जूझते हैं, तो कभी बिजली-पानी के लिए परेशान होते हैं।
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छोटे-छोटे मकान व संकरी गलियों वाले बालू अड्डा को निम्न मध्यम वर्ग की बस्ती के तौर पर जाना जाता है। हैरत यह है कि उसकी तुलना हाकिमों की कॉलोनी बटलर पैलेस से की जा रही है।

दोनों जगह की सुविधाओं में भारी अंतर को डीएम सर्किल रेट के प्रस्ताव ने मिटा दिया है। उनके सर्किल रेट में पॉश कॉलोनी जितनी ही वृद्धि की तैयारी है।

सर्किल रेट में काफी लोचे
राजस्व मामलों के जानकार बताते हैं कि बालू अड्डा की तरह ही शहर के कई मोहल्लों व अविकसित इलाकों में सर्किल रेट गैर वाजिब तरीके से बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है।
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हजरतगंज इलाके में डालीबाग कॉलोनी के बीच पुरानी आबादी वाले रमैय्याजीपुरम मोहल्ले का सर्किल रेट बटलर पैलेस कॉलोनी से भी ज्यादा प्रस्तावित किया गया है।

ये क्या हो रहा है?
वहां मौजूदा सर्किल रेट 14 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर था जिसे बढ़ाकर 16800 रुपये करने की तैयारी है। जबकि, वहां से चार सौ मीटर दूर मुख्य मार्ग पर स्थित न्यू बेरी रोड का सर्किल रेट 14400 रुपये प्रति वर्ग मीटर है।

गांव और शहर में एक ही दाम
विक्रमादित्य मार्ग वार्ड में जियामऊ (पुराना गांव) और इलाके की लॉ-मार्टीनियर कॉलोनी का सर्किल रेट बराबर बढ़ाने की तैयारी है। वृद्धि का प्रस्ताव तैयार करने में सुविधाओं व बाजार भाव का सही आकलन न किए जाने से शहर के कई क्षेत्रों में पुरानी बस्तियों के सर्किल रेट महंगे इलाकों से भी ज्यादा हो गए हैं।

यहां भी वही किस्सा
आलमबाग थाना के आसपास का सर्किल रेट 6000 रुपये से बढ़ाकर 7200 रुपये करने का प्रस्ताव है। रोड से काफी अंदर सरदारी खेड़ा व कोरियाना का रेट 7400 रुपये प्रति वर्ग मीटर प्रस्तावित किया गया है।
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जबकि सरदारीखेड़ा व कोरियाना मोहल्ले के लोग आए दिन सीवर, पेजयल, सड़क व बिजली की समस्या से परेशान होते हैं।

दो लोगों ने दर्ज की शिकायत
सर्किल रेट में वृद्धि के ऐसे ही प्रस्तावों पर सवाल उठ रहे हैं। शुक्रवार को भी दो व्यक्तियों ने अपनी आपत्ति जिला प्रशासन में दर्ज कराई। एडीएम (वित्त एवं राजस्व) संजय कुमार सिंह यादव के मुताबिक ऐसे मामलों की समीक्षा के लिए लोगों से आपत्तियां मांगी गई हैं।
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