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पीडी के सामने रख दिया बच्चा, बोली- इसे छोड़कर कैसे करूंगी ड्यूटी

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पीडी के सामने रख दिया बच्चा, बोली- इसे छोड़कर कैसे करूंगी ड्यूटी
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देवरिया। चुनाव ड्यूटी कटवाने के लिए तमाम कर्मचारी विकास भवन का चक्कर लगा रहे हैं। शनिवार को विकास भवन स्थित परियोजना निदेशक के दफ्तर पहुंची महिला कर्मी ने उनके सामने अपना एक साल का बच्चा रख दिया। बोली- साहब! इसे छोड़कर वह कैसे चुनाव ड्यूटी करेगी?
महिला ने एक के बाद एक कई परेशानियां गिनाईं। परियोजना निदेशक संजय पांडेय ने महिला से लिखित आवेदन देने को कहा। महिला के जाते ही एक पूर्व ब्लाक प्रमुख के पुत्र अपनी ड्यूटी कटवाने पहुंच गए। इस प्रकार रोजाना 50 से अधिक कर्मचारी अपनी-अपनी समस्याओं के साथ विकास भवन पहुंच रहे हैं। किसी के घर में शादी है, किसी की तबीयत खराब है और किसी ने तो माता-पिता की तबीयत खराब होने का हवाला दिया है। कई कर्मचारी तो शुगर और ब्लड प्रेशर की समस्या बताकर चुनाव ड्यूटी से राहत देने का अनुरोध कर रहे हैं।
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ड्यूटी काटने का नतीजा भुगत चुका है प्रशासन
बीते पंचायत चुनाव में भी ड्यूटी कटवाने के लिए कर्मचारियों में होड़ मची थी। कुछ को सिफारिश पर तो कुछ को उनके व्यवहार पर अधिकारियों ने मतदान ड्यूटी से मुक्त कर दिया था। ड्यूटी के लिए जिन कार्मिकों की सूची तैयार थी, उनमें कई गैर हाजिर हो गए। पंचायत राज विभाग के सफाई कर्मी, ट्यूबवेल ऑपरेटर, बंदूक बाबू तक को बुलाया गया। तृतीय मतदान अधिकारी के लिए प्रशिक्षित सफाई कर्मियों को द्वितीय मतदान अधिकारी बना दिया गया। वहीं द्वितीय मतदान अधिकारी के लिए प्रशिक्षित कार्मिक को पीठासीन की जिम्मेदारी दे दी गई।
12 हजार कार्मिकों की है जरूरत
जिले के सभी सात विधानसभा क्षेत्रों कुल 2733 बूथ बनाए गए हैं। प्रत्येक बूथ पर चार मतदान कार्मिक लगाए जाएंगे। इसके अलावा दस प्रतिशत कार्मिक रिजर्व में रखे जाएंगे।
मतदान कार्मिकों को मिल रहीं सुविधाएं
परियोजना निदेशक संजय पांडेय ने बताया कि चुनाव राष्ट्रीय पर्व होता है। इसमें कर्मचारियों को बहानेबाजी से बचना चाहिए। चुनाव ड्यूटी के दौरान मतदान कार्मिकों को सभी प्रकार की सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं। मतदान केंद्र पर प्रकाश, पेयजल, शौचालय आदि की व्यवस्था पहले ही सुनिश्चित की जा चुकी है। इन्हें चाय, पानी या कुछ विशेष खाने की इच्छा हो तो विद्यालय की रसोइया से बनवा सकते हैं। चुनाव ड्यूटी के एवज में अलग से मानदेय व अन्य खर्चे भी दिए जाते हैं।
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चुनाव ड्यूटी से नाम कटवाने के लिए कर्मचारी आवेदन लेकर आ रहे हैं। उनके आवेदनों पर विचार के लिए कमेटी बनाई गई है। वाजिब कारण होने पर ही उन्हें चुनाव ड्यूटी से मुक्त किया जा रहा है। -रवींद्र कुमार, मुख्य विकास अधिकारी।
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