संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। कोतवाली क्षेत्र के एक निजी अस्पताल में सोमवार को 77 वर्षीय हसन तारा की मौत हो गई। परिवार वालों ने गलत इंजेक्शन लगाने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। वह तरकुलवा थाना क्षेत्र के बरईपट्टी गांव की रहने वाली थीं। हसन तारा पत्नी अब्दुल लतीफ 24 जून को सीढ़ी से उतर रही थीं। इसी दौरान गिर पड़ी और पैर में फ्रैक्चर हो गया था।
चिकित्सकों ने दो जुलाई को ऑपरेशन कर अस्पताल से छुट्टी दे दी थी। सोमवार को टांका कटवाने, चेकअप और दवा के लिए बुलाया गया था। परिवार वालों के अनुसार, महिला नर्स द्वारा इंजेक्शन लगाए जाने के बाद मरीज की तबीयत बिगड़ने लगी।
कुछ ही देर में उनकी मौत हो गई। हसन तारा के बेटे अब्दुल खुद्दश ने बताया कि उनकी मां स्वयं चलकर अस्पताल आई थीं। इलाज के दौरान न तो सतर्कता बरती गई और न ही डॉक्टर मौजूद था।
मौत की खबर सुनते ही परिवार वाले आक्रोशित हो गए और अस्पताल में हंगामा करने लगे। सूचना पर शहर कोतवाल डीके सिंह फोर्स के साथ पहुंचे। उन्होंने स्थिति को नियंत्रित किया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। उन्होंने कहा कि तहरीर मिली है जांच कर कार्रवाई की जाएगी।