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जिले के कई इलाकों में हुई बारिश, ओले गिरने से फसलों को क्षति

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जिले के कई इलाकों में हुई बारिश, ओले गिरने से फसलों को क्षति
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देवरिया। बुधवार की सुबह खुशनुमा मौसम दोपहर होते ही बदल गया। जिले के खुखुंदू, मगहरा, सोनूघाट, भाटपाररानी, भटनी, बेरौना सहित कई इलाकों में जोरदार बारिश हुई। ओले गिरने से जमीन पर बर्फ की चादर सी बिछ गई। सब्जी, सरसों व गेहूं की पिछेती फसलों को भारी नुकसान हुआ। दोपहर बाद तीन बजे तेज धूप निकलने से लोगों को थोड़ी राहत जरूर मिली, लेकिन शाम ढलते ही ठंड में इजाफा हो गया।
सोनूघाट प्रतिनिधि के अनुसार, सदर ब्लाक के बैरौना, बारीपुर, एकडंगा में बारिश और ओले पड़ने के चलते फसलों को भारी नुकसान हुआ है। भाटपाररानी प्रतिनिधि के अनुसार ग्राम भठवा तिवारी, खामपार, तातायर बुजुर्ग, तातायर खुर्द, बहोरवा, माड़ीपुर, बखरी, बंगरा, जासपार, चकिया कोठी, भवानी छापर, पकड़ी बाबू, भिनगारी आदि गांवों में खूब ओले गिरे। इससे आलू, मटर, सरसों, गेहूं, सब्जी आदि फसलों को नुकसान पहुंचा है। देसही देवरिया प्रतिनिधि के अनुसार, क्षेत्र में बारिश से किसानों की सब्जियों और दलहन की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा। निचले इलाकों में गेहूं की फसल भी प्रभावित हुई। देसही देवरिया क्षेत्र में तेज बारिश हुई। कई जगहों पर हल्की ओलावृष्टि भी हुई। सरसों, मसूर, आलू, मटर, व सब्जी की फसलों को नुकसान हुआ। दिसंबर के आखिर में जिन किसानों ने गेहूं की बुआई की है। उनकी फसलों को भी क्षति पहुंची है। बरवां मीर छापर के रामअशीष कुशवाहा, पिपरा मदन गोपाल के रामज्ञान सिंह, सहोदरपट्टी के मनोज, रमौली के मारकंडेय आदि किसानों ने बताया कि बारिश से उनकी सब्जी, तिलहन व दलहन की फसलों को भारी क्षति पहुंची है। लागत भी निकलना मुश्किल है।
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बरहज प्रतिनिधि के अनुसार, नगर सहित भलुअनी, मगहरा, पैना, कपरवार, करुअना, सोनाड़ी, बरांव आदि जगहों पर बारिश होने लगी। कुछ जगहों पर ओले भी पड़े। हुई बारिश और ओलावृष्टि को लेकर किसानों का कहना है कि सबसे ज्यादा अरहर, सरसो, चना, मटर के अलावा आलू आदि फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है। वहीं ईंट भट्ठा मालिकों को भी क्षति का सामना करना पड़ा है।
राहगीरों पर पड़ी ओले की मार
बारिश के साथ ओले की मार से किसानों की फसल को नुकसान हुआ ही राहगीरों को भी भारी मुसीबत झेलनी पड़ी। सुनसान सड़कों पर सफर कर रहे बाइक सवार ओले गिरते ही पेड़ों की छांव तलाशने लगे। यहां भी उनका बचाव नहीं हो पाया। कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
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बारिश के साथ ओला पड़ने से सरसों के फूल झड़ जाते हैं। सब्जी की फसलों को नुकसान पहुंचा है। पिछेती गेहूं की फसल प्रभावित होगी। जिन किसानों ने गेहूं की अगैती बुआई की है, उन्हें फायदा होगा। फसल पीली पड़ने पर किसान एक या दो दिन बाद यूरिया के साथ जिंक और सल्फर का छिड़काव करें। इससे गेहूं की फसल में रोग लगने की संभावना टल जाएगी। -रतन शंकर ओझा, जिला कृषि रक्षा अधिकारी
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