ट्रैफिक सिपाही चुनाव ड्यूटी में, सीओ ने संभाली कमान
देवरिया। ट्रैफिक सिग्नल विहीन शहर में महज चंद पुलिसकर्मियों के कंधे पर इन दिनों यातायात व्यवस्था है। विधानसभा चुनाव में ट्रैफिक सिपाहियों की ड्यूटी लगने के कारण बृहस्पतिवार को खुद सीओ सदर श्रीयश त्रिपाठी को कमान संभालनी पड़ी। बुधवार की आधी रात को मेडिकल कालेज रोड पर अक्सर खड़ी होने वाली निजी एंबुलेंस की जांच करने पहुंच गए। सीओ को देखते ही एंबुलेंस चालक भाग निकले।
विधानसभा चुनाव और वीआईपी ड्यूटी के कारण इस समय 40 ट्रैफिक पुलिसकर्मियों में तीन पुलिसकर्मी ड्यूटी कर रहे हैं। पुलिसकर्मियों की संख्या कम होने कारण चौक-चौराहों पर कुछ पीआरडी के जवान यातायात व्यवस्था को सुचारु रूप से चलाने में सहयोग कर रहे हैं। बस स्टेशन के पास निजी बसों का जमावड़ा होने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सुबह सीओ ने बस स्टेशन के पास सवारियों को भरने वाले निजी बस चालकों पर शिकंजा कसना शुरू किया। उन्होंने नौ डग्गामार बसों का चालान किया। इस दौरान टीएसआई त्रिवेंद्र मौर्य, दरोगा शलामुद्दीन भी मौजूद रहे।
कसा शिकंजा तो आने लगी पैरवी
बस स्टेशन के पास सीओ ने डग्गामार बसों पर शिकंजा कसना शुरू किया तो नेताओं के फोन आने लगे। पर सीओ ने किसी की एक न सुनी और एक के बाद एक बसों का चालान कर दिया। इसके कारण बृहस्पतिवार को पूरे दिन बस स्टेशन के पास जाम नहीं लगा।
ट्रैफिक सिग्नल का प्लान कागजों में सिमटा
देवरिया। यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए करीब एक साल पहले सिग्नल का प्लान तैयार किया गया था। इसके लिए नगर पालिका और पुलिस दोनों को संयुक्त रूप से काम करना था। पर अभी तक सिग्नल नहीं लगा और न ही किसी जगह जेब्रा क्रॉसिंग बनाई गई है। इसके कारण लोग मनमाने तरीके से चौराहों पर वाहन चलाते हैं, जिससे आए दिन जाम लग रहा है।