बैतालपुर। बैतालपुर स्थित एचपीसीएल डिपो के सामने बृहस्पतिवार की देर शाम पेट्रोल पाइपलाइन की मरम्मत के दौरान वेल्डिंग करते समय लगी आग ने 22 साल पुरानी खौफनाक हादसे की यादें ताजा कर दीं।
वर्ष 2004 में डिपो के पेट्रोल टैंक में स्पैनर गिरने के बाद लगी आग से इलाके में घंटों दहशत और भगदड़ मची थी। उस हादसे में टैंक पर चढ़कर आग बुझाने में मदद करने वाले कर्मचारी सुरेश गुप्ता गंभीर रूप से झुलस गए थे और बाद में उनकी मौत हो गई थी।
30 जून 2004 को इंडियन ऑयल डिपो में मैकेनिक पेट्रोल टैंक पर काम कर रहे थे। इसी दौरान एक स्पैनर टैंक के अंदर गिर गया और आग भड़क उठी।
हादसे की खबर फैलते ही बैतालपुर कस्बे से लेकर देवरिया-गोरखपुर मार्ग तक अफरा-तफरी मच गई थी। लोग घर-दुकान का सामान छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे थे। करीब तीन घंटे तक इलाके में दहशत का माहौल रहा।
आग को काबू करने के लिए दिल्ली निवासी कर्मचारी सुरेश गुप्ता जान की परवाह किए बिना टैंक के ऊपर चढ़ गए थे। उन्होंने ढक्कन खोलकर बाहर फेंक दिया।
इस दौरान वह आग की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गए। उपचार के दौरान करीब एक सप्ताह बाद दिल्ली के निजी अस्पताल में उनकी मौत हो गई थी। उनके साहस से आग पर काबू पाने में मदद मिली और बड़ी जनहानि टली।
बृहस्पतिवार को पाइपलाइन में वेल्डिंग के दौरान लगी आग पर फायर सेफ्टी टीम और कर्मचारियों ने कुछ ही देर में काबू पा लिया।
हादसे ने एक बार फिर पेट्रोलियम डिपो और पाइपलाइन जैसे संवेदनशील प्रतिष्ठानों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी। संवाद