संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। महाराष्ट्र के अशोक गावंडे (61) की हत्या की गुत्थी सुलझाने में 35 से अधिक सिपाही, कोतवाल और दो स्वॉट टीम लगी है। शुक्रवार को मेडिकल कॉलेज के सर्जिकल वार्ड में भर्ती पांच मरीज कोतवाली पहुंचे।
पुलिस ने मरीजों का बयान दर्ज किया। पुलिस को अब तक जो जानकारियां मिली है, उसे साबित करने के लिए पुलिस साक्ष्य संकलन करने में दो दिन से उलझी है।
वारदात की कड़ियों को जोड़ने में पुलिस के पसीने छूट रहे हैं। टीम को लीड कर रहे सदर कोतवाल विनोद सिंह और स्वाॅट टीम सादे लिबास में शुक्रवार को भी मेडिकल कॉलेज पहुंचकर गतिविधियों को वाच किया।
पुलिस वारदात के करीब पहुंचने का दावा तो कर रही है, मगर जिस एंगल पर पुलिस काम कर रही है, उससे जुड़े तथ्य कमजोर पड़ रहे हैं। इसे पूरा करने के लिए स्वाॅट टीम और कोतवाल बृहस्पतिवार और शुक्रवार को पूरे दिन इलेक्ट्रानिक साक्ष्यों की मदद से जांच में जुटे रहे।
मुंबई से अपने ससुराल 13 साल बाद अशोक गावंडे गोरखपुर के हुमायुंपुर दक्षिणी के रहने वाले साले प्रफुल्ल के घर 22 सितंबर को आए थे। साले के अनुसारए महाराष्ट्र जाने की बात कह 12 सौ रुपये की मांग की थी। रुपये देने के बाद अशोक को टेंपो से स्टेशन भेज दिया।
इसके बाद किसी को कोई जानकारी नहीं दी। 25 सितंबर को महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी में अशेक भर्ती हुए। अशोक के पैर में गंभीर घाव था। वह चलने में असमर्थ थे।
27 सितंबर की सुबह अचानक वार्ड से अशोक गायब हो गए। 27 सितंबर को ही दोपहर में फिर चले आए। 27 को ही रात 10 बजे तक वह अपने 41 नंबर बेड पर दिखे थे। इसके बाद गायब हो गए थे। छह अक्तूबर को मेडिकल कॉलेज की पानी की टंकी में अशोक गावंडे लाश मिली। शव की पहचान तीन दिन बाद उनके साले प्रफुल्ल और अशोक की पत्नी अनीता उर्फ तनु ने की थी।
साले की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात परहत्या का केस दर्ज किया है। शातिराना तरीके से दिए गए वारदात की पुलिस कई एंगल पर जांच कर रही है, मगर साक्ष्य नहीं मिलने के कारण उलझ जा रही है। बार-बार पुलिस मेडिकल कॉलेज के भवन और पानी की टंकी के पास पहुंंच रही है। पुलिस ने अब तक के मिले साक्ष्यों के आधार पर कुछ लोगों को ट्रेस किया है, वे स्वास्थ्यकर्मी है।
पुलिस की जांच में पता चला है कि अशोक मोबाइल का इस्तेमाल करता था, मगर मोबाइल उसके पास नहीं था। पुलिस ने हत्या का कारण ढूंढ़ने में दिनल्रात एक कर दिया है। जांच में यह तो साफ हो गया है कि मेडिकल कॉलेज भवन से ही अशोक की हत्या की कहानी लिखी गई है और अंजाम भी यहीं दिया गया है।
सर्जिकल वार्ड में भर्ती मरीजों को कोतवाली पुलिस बारी-बारी से बुलाकर बयान दर्ज कर रही है। मरीजों के बयान से मिलने वाली जानकारी से पुलिस की जांच को बल मिल रहा है।
दूसरी स्वाॅट टीम भी लगी ः जांच की प्रक्रिया जटिल होने के कारण एसपी संजीव सुमन ने एक और स्वाॅट टीम का गठन कर दिया है। क्योंकि गोरखपुर से महाराष्ट्र तक पुलिस को भाग दौड़ करनी पड़ती थी।