- कार्य प्रगति में बाधक बन रहा मंडी समिति का भवन, पत्राचार के बाद भी नहीं निकल सका समाधान, कार्य ठप
संवाद न्यूज एजेंसी
बरहज। भारत शृंखला माला के तहत एनएच 277 ए की ओर से अयोध्या से जनकपुर को जोड़ने वाले रामजानकी मार्ग का चौड़ीकरण कराया जा रहा है। करीब 33 करोड़ रुपये की लागत से भागलपुर ब्लॉक क्षेत्र के कुंडौली में अंडरपास बनाने की योजना है। इसक विभाग खाका तैयार कर रहा है, निर्माण कार्य में मंडी समिति का भवन आड़े आ रहा है। जिसे पत्राचार के बावजूद अभी तक शिफ्ट नहीं किया जा सका है। जिससे कार्य ठप है।
एनएच 227 ए की ओर से कुंडौली में बनाए जाने वाले अंडरपास से लार और मेहरौना आने-जाने वालों को काफी सहूलियत होगी। इस पर कार्य शुरू कराया गया। इसके बनकर तैयार हो जाने से जाम जैसी समस्या से भी निजात मिलेगा। लोगों के अनुसार अंडरपास वाले जगह पर मंडी समिति का भवन और जमीन है। जिसे खाली करने के लिए डीएम दिव्या मित्तल की ओर से पत्राचार भी किया गया।
बावजूद इसके विभाग ने अब तक भवन खाली नहीं किया है। जिससे आरओबी और बीयूपीबी के निर्माण कार्य में बाधा आ रही है। विभागीय लोगों के अनुसार, कुंडौली में अंडरपास के अलावा 7.50 चौड़ी सर्विस रोड, 19 मीटर चौड़ी फोरलेन समेत कुल 27 मीटर चौड़ी सड़क बनाई जाएगी। बड़हलगंज से मेहरौना बऍर्डर तक 57 किमी करीब 130 करोड़ रुपये की लागत से सड़क चौड़ीकरण कार्य कराया जा रहा है। कुछ एक जगहों पर कार्य तेजी से तो कुछ जगहों पर समस्याओं के कारण निर्माण कार्य प्रभावित हो रहा है।
कोट-
कुंडौली में अंडरपास बनाया जाना है, मगर रास्ते में मंडी समिति का भवन और जमीन है। इसके खाली न किए जाने से काम प्रभावित है। कुछ एक जगह पर तेजी से काम कराया जा रहा है। समस्याओं का निजात निकलते ही कार्य पूर्ण करा लिया जायेगा
-पी सुब्रमण्यम, प्रोजेक्ट मैनेजर
इंसेट में-
मुआवजे से वंचित हैं लवरछी वार्ड के सौ से अधिक किसान
बरहज। एनएच 227ए की ओर से रामजानकी मार्ग चौड़ीकरण कार्य कराया जा रहा है। जिसको लेकर विभाग की ओर से सड़क के हद में आने वाले किसानों की भूमि का अधिग्रहण किया गया है। जिसके एवज में विभाग ने काश्तकारों को अधिग्रहीत जमीनों का मुआवजा दिया है। कार्य शुरु होने के बाद से आज भी अधिकांश मुआवजे से वंचित हैं। लोगों के अनुसार लवरछी वार्ड के गाटा संख्या 206 के जमीन के काश्तकार राजाराम, श्रीराम, पप्पू यादव, रामचंद्र, किचकन यादव, शर्मा यादव सहित सौ से अधिक काश्तकार मुआवजा न मिलने पर कार्यालयों का चक्कर लगा रहे हैं। लोगों का कहना है कि विभाग द्वारा सही जवाब नहीं दिया जा रहा है। जिससे समस्या बरकरार है। एसडीएम विपिन कुमार द्विवेदी ने बताया कि मामला संज्ञान में नहीं है। पता कराता हूं।