गोर्रा नदी पर स्थित पिड़रा पुल का एप्रोच धंसने से करीब 18 घंटे तक आवागमन बाधित रहा, हालांकि मंगलवार सुबह पुल से पैदल और दो पहिया वाहनों की आवाजाही शुरू कर दी गई। प्रशासन की ओर से बड़े वाहनों के आने-जाने पर अभी रोक लगाई गई है। इससे बड़े वाहनों को अभी भी करीब 40 किमी दूर घूम कर जाना पड़ रहा है। पीडब्ल्यूडी नदी सतह से एप्रोच तक स्लैब बनाकर कटान रोकने का कार्य कर रहा है।
पिड़रा पुल का एप्रोच धंसने से आठ महीने से आवागमन बार-बार प्रभावित हो रहा है। रुद्रपुर से होकर बनारस, मऊ, आजमगढ़ और गोरखपुर जिले को लोडेड वाहन पिड़रा पुल से नहीं जा रहे हैं। सोमवार दोपहर एप्रोच धंसने से दोआबा की करीब दो लाख आबादी प्रभावित हो रही है। नाराज लोगों ने पुल पर प्रदर्शन किया।
पुल से आवागमन बाधित होने से लोगों को लंबी दूरी तय करनी पड़ रही थी। करीब 18 घंटे तक कटान स्थल पर कार्य करने के बाद सामान्य आवाजाही शुरू हो पाई। गोर्रा पुल के उत्तरी छोर पर दक्षिण से सीधे टक्कर मार रही है। नदी यहां दो मंजिला मकान को अपने आगोश में लेने के बाद एप्रोच पर टक्कर मार रही है, जिससे बार-बार एप्रोच धंस जा रहा है।
गोर्रा नदी यू- टर्न लेकर पिड़रा गांव की आबादी की तरफ बढ़ रही है। ग्रामीणों के अनुसार यदि एप्रोच पर कटान रोकने के लिए बोल्डर पिचिंग नहीं कराया गया तो पुल के साथ गांव की आबादी पर भी खतरा मंडरा रहा है। गांव के संतोष सिंह, अमन पांडेय, मनोज सिंह, संतोष तिवारी, सेराज ने कहा कि पिछले साल लाखों रुपये लगाने के बाद भी सफलता नहीं मिली।
शासन प्रशासन पुल और दोआबा की सुरक्षा को लेकर लापरवाह बना है। एसडीएम ध्रुव कुमार शुक्ला ने कहा कि एप्रोच के कटान को पाटकर सामान्य आवाजाही शुरू कर दी गई है। बड़े वाहनों के आने-जाने पर रोक लगी है।
पिड़रा पुल का एप्रोच बना लूट-खसोट का अड्डा : खोखा सिंह
सपा के पूर्व विधायक अनुग्रह नरायण सिंह उर्फ खोखा सिंह ने कहा कि पिड़रा पुल का एप्रोच ठेकेदारों के लिए लूट-खसोट का अड्डा बन गया है, विभाग यहां आठ महीने से सरकारी रुपये खपा रहा है। पानी की सतह नीचे जाने पर बोल्डर पिचिंग का कार्य शुरू होना चाहिए, लेकिन शासन प्रशासन ने तत्परता नहीं दिखाई। जिसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। बरसात के मौसम में दोआबा के लोगों की दुश्वारियां बढ़ जाएंगी। पुल का एप्रोच दुरुस्त नहीं हुआ तो सपाई आंदोलन करेंगे।