अफरा-तफरी के बीच कड़ी मशक्कत कर मछुआरों बचाई गई 20 लोगों की जान
नाव पर क्षमता से अधिक लोगों का चढ़ने से हुआ हादसा, भाजपा मंडल के पदाधिकारी भी थे सवार
देवरिया/बघौचघाट। बघौचघाट क्षेत्र के बाबा भागवत दास घाट स्थित खनुआ नदी की सफाई के दौरान शनिवार सुबह करीब सात बजे नाव अचानक पलट गई। सफाई अभियान में लगे स्थानीय लोगों को डूबते देख लोगों के बीच चीख-पुकार मच गई। अफरा-तफरी के बीच मछुआरों के सहयोग से कड़ी मशक्कत कर डूब रहे लोगों को किसी तरह नदी से बाहर निकाला गया। बताया जा रहा है कि नाव में क्षमता से अधिक 20 लोग सवार हो गए, जिसके कारण यह हादसा हुआ। संयोग अच्छा था कि कोई हताहत नहीं हुआ। यह सफाई अभियान कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही की अगुवाई में चल रहा था, इसलिए नाव में भाजपा मंडल के अधिकांश पदाधिकारी भी सवार थे।
कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही के नेतृत्व में पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत शनिवार की सुबह करीब छह बजे बघौचघाट के बाबा भागवत दास घाट पर खनुआ नदी का सफाई अभियान शुरू किया गया। स्थानीय लोगों सहित क्षेत्र के भाजपा कार्यकर्ता भी इस अभियान को सफल बनाने के लिए नदी में उतर गए। इस दौरान एक पुरानी नाव पर क्षमता से अधिक लोग सवार हो गए। नदी के बीच में पहुंचने पर नाव में पानी भर गया और अचानक नाव पलट गई। इस बीच जो तैरना जानते थे उन्होंने किसी तरह तैर कर अपनी जान बचा ली, लेकिन जो तैरना नहीं जानते थे वे डूबने लगे। आनन-फानन में मौके पर दूसरी नाव लेकर पहुंचे कुछ मछुआरों और स्थानीय लोगों के सहयोग से कड़ी मशक्कत कर डूब रहे 20 से अधिक लोगों की जान बचाई। इस बात से हर तरफ मची सनसनी के बीच मौके पर ही डॉक्टरों को बुलाकर मेडिकल प्राथमिक जांच के बाद प्राथमिक उपचार कराया गया। हालांकि, इस घटना में सभी लोग बच गए और बड़ा हादसा नहीं हुआ।
बिना तैयारी के ही नदी की सफाई
लोगों में यह चर्चा थी कि इतना बड़ा आयोजन था तो तैयारी पूरी करनी चाहिए थी। एनडीआरएफ की टीम, जाल और गोताखोरों की व्यवस्था नहीं की गई। इस मामले में जिम्मेदार कुछ भी बोलने से कतरा रहे हैं। नदी की सफाई के लिए बाकायदा कृषि मंत्री ने आवास पर प्रेस वार्ता की थी। इनकी तरफ से बाकायदा प्रचार-प्रसार कर इस कार्य के लिए स्थानीय कार्यकर्ताओं को बुलाया गया था। इसके बाद भी सुरक्षा के इंतजाम न होना प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है। यह सफाई अभियान पहली बार नहीं है। इससे पहले भी इस नदी की सफाई का कार्य एकाध दिन कृषि मंत्री स्वयं करा चुके हैं। इस घटना के बाद प्रत्यक्षदर्शी सवाल कर रहे हैं कि जब इतनी भीड़ होनी थी तो सुरक्षा के लिए कोई उपाय क्यों नहीं किया गया था? सफाई में तीन जेसीबी मशीन और सैकड़ों कार्यकर्ता लगे थे। ब्लॉक के सभी सफाई कर्मचारियों की ड्यूटी भी लगाई गई थी।