देवरही मंदिर में ढोल के साथ पुप्पुन मियां
देवरिया। हाथों में ढोल और मन में मां के प्रति अटूट श्रद्धा। धर्म की सीमाओं से परे आस्था की यह अनूठी मिसाल देवरिया के देवरही मंदिर में देखने को मिलती है। बिहार के सिताब दियारा निवासी पुप्पुन मियां 40 वर्षों से दोनों नवरात्र में मां के दरबार में ढोल बजाकर सेवा दे रहे हैं।
लोकनायक जयप्रकाश नारायण के गांव सिताब दियारा के लाल टोला निवासी पुप्पुन मियां पांच दशक से दुर्गा मूर्तियों के सामने ढोल बजाते थे।
धीरे-धीरे मां के प्रति उनकी आस्था उन्हें देवरही मंदिर तक ले आई। इसके बाद दोनों नवरात्र में मंदिर पहुंचकर ढोल बजाने का सिलसिला शुरू हुआ, जो आज भी जारी है। पुप्पुन का कहना है कि मां के आशीर्वाद से उनका परिवार खुशहाल है। उनके तीन बेटों में दो गुजरात और एक ओमान में नौकरी करता है। मां दुर्गा की सेवा धर्म से ऊपर उठकर आस्था और भाईचारे की मिसाल पेश कर रही है।