-जमीन चिह्नांकन के बाद भी ठंडा पड़ा है मामला, फिर आंदोलन की बन रही रणनीति
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संवाद न्यूज एजेंसी
खुखुंदू। प्रस्तावित ब्लाॅक खुखुंदू में बार-बार फंस रही जमीन की पेच भी खत्म हो गई है। देवरिया सलेमपुर-फोरलेन पर सड़क किनारे नरौली संग्राम में एक एकड़ से अधिक जमीन नव सृजित ब्लाक के नाम चिह्नांकन कर लिया गया है। इसकी रिपोर्ट भी शासन को भेजी जा चुकी है। कुछ दिनों तक ठंडा पड़ने के बाद एक बार फिर से यह मुद्दा गरमाने लगा है। ब्लाॅक बनाओ संघर्ष समिति के संरक्षक एवं रिटायर्ड शिक्षक नथुन राय ने कहा कि फिर से आंदोलन शुरू किया जाएगा। इसकी रुपरेखा तैयार की जा रही है।
1991 से खुखुंदू को ब्लॉक बनाने की मांग चल रही है। इसके लिए कई दिनों तक आंदोलन चला। फिर धरना-प्रदर्शन और चक्का जाम भी हुआ। पूर्व विधायक आनंद यादव, पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष सलेमपुर सुधाकर गुप्ता, संघर्ष समिति के संरक्षक एवं रिटायर्ड शिक्षक नथुन राय, अध्यक्ष सोबराती किदवई, प्रधान दिनदयाल यादव सहित अन्य कई लोग जेल भी गए।
जनता की बढ़ती मांगों को देखते हुए तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती ने 1994 में देवरिया जीआईसी के ग्राउंड में एक सभा को संबोधित करते हुए खुखुंदू, तरकुलवा और नारायनपुर को ब्लाॅक बनाने की घोषणा की। तरकुलवा तो बहुत पहले ही ब्लाॅक बनकर अस्तित्व में आ गया।
मगर खुखुंदू आज भी उपेक्षित है। हालांकि सुरेंद्र चौरसिया ने इस मुद्दे को दो-दो बार सदन में उठाया है। इससे पहले पूर्व विधायक कमलेश शुक्ला भी मुद्दे को सदन में उठाए थे। सारी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद भी यहां बीडीओ की तैनाती नहीं हुई है। इसको लेकर जनमानस में आक्रोश व्याप्त है।
दिव्यांग संघ के प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह ने हाल ही में लखनऊ पहुंच कर मुद्दे का पत्रक सीएम योगी आदित्यनाथ को सौंपा था। आश्वासन भी मिला था कि जल्द खुखुंदू को ब्लॉक घोषित कर दिया जाएगा। लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ।
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मुद्दे को अमलीजामा पहनाने में जमीन का फंसता रहा पेंच
खुखुंदू। ब्लॉक निर्माण को लेकर जब-जब शासन को रिपोर्ट भेजी गई। तब-तब जमीन का पेंच फंसता रहा। इसके चलते ब्लाॅक निर्माण का मुद्दा अधर में लटका रहा। अब वह दिक्कत भी दूर हो गई है। दो साल पहले जिला प्रशासन ने ब्लाॅक सृजन के लिए जमीन उसके नाम दर्ज कर शासन को रिपोर्ट भेज दी है।
जानकारी के अनुसार, पहले खुखुंदू कस्बे में जलकल के पास की भूमि जो एक विद्यालय के नाम से दर्ज है। उसकी नवईयत बदलवाकर ब्लाॅक बनाने की बात चलती रही। इसी भूमि का जिक्र करके शासन को जिला प्रशासन रिपोर्ट भी भेजता रहा। इसके चलते ब्लाॅक निर्माण का काम अधर में लटका रहा।
दो साल पहले तत्कालीन सीडीओ रविंद्र कुमार ने ग्राम नरौली संग्राम तप्पा खुखुंदू में देवरिया सलेमपुर फोरलेन के किनारे अराजी नंबर 333 रकबा 04130 हेक्टेयर भूमि नवीन परती श्रेणी 5-1 को विकास खंड खुखुंदू के सृजन के लिए उपयोगी बताते हुए पुर्नग्रहीत कराया। दो साल पहले क्षेत्रीय विधायक सुरेन्द्र चौरसिया ने मुद्दे को सदन में उठाया था।
इसके बाद शासन से प्रस्तावित ब्लाॅक की रिपोर्ट मांगी गई। उसी समय ब्लाॅक के नाम भूमि दर्ज की गई थी। लेखपाल मुन्ना प्रसाद ने बताया कि 26 जून 2023 में ब्लाॅक के नाम उपरोक्त अराजी नंबर भूमि दर्ज हो गई है। इसकी रिपोर्ट भी शासन को भेजी जा चुकी है।
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प्रस्तावित ब्लाॅक में 58 ग्राम पंचायतें शामिल
खुखुंदू। प्रस्तावित ब्लाॅक में 10 न्याय पंचायतों के 58 ग्राम पंचायतें और 142 राजस्व ग्राम शामिल हैं। इनकी जनसंख्या करीब 1.57 लाख है। इसमें भलुअनी ब्लॉक से पिपरा खेमकरण, बीजापुर झंगटौर और खुखुंदू, सदर ब्लाॅक से श्रीनगर बरडीहा, मझवलिया, भटनी से धनौती, सलेमपुर से पड़री झिल्लीपार, परसिया भंडारी जबकि भागलपुर से एक न्याय पंचायत को शामिल किया गया है।
-14 अधिकारी-कर्मचारियों के पद सृजन की भी भेजी गई थी रिपोर्ट
पदनाम .
खंड विकास अधिकारी -01
सहायक विकास अधिकारी (आईएसबी) - 01
सहायक विकास अधिकारी सांख्यिकीय -01
सहायक विकास अधिकारी सहकारिता -01
अवर अभियंता लघु सिंचाई -01
कनिष्ठ सहायक/ कनिष्ठ लिपिक-01
वरिष्ठ सहायक/ वरिष्ठ लिपिक-01
सहायक लेखाकार (आईआरडी पूल्ड -2)- 03
जीप चालक -01
पत्र वाहक -02
स्वीपर कम चपरासी -01