देवरिया जिले में विधानसभा चुनाव में सपा ने तीन विधानसभा क्षेत्रों के लिए अपने प्रत्याशियों की घोषणा बृहस्पतिवार को कर दी। भाटपाररानी से वर्तमान विधायक आशुतोष उपाध्याय बबलू, रामपुर कारखाना से पूर्व विधायक गजाला लारी और पथरदेवा से पूर्व कैबिनेट मंत्री ब्रह्माशंकर त्रिपाठी को सपा ने अपना प्रत्याशी बनाया है।
जिले के सात विधानसभा क्षेत्रों में एक विधानसभा में सपा का कब्जा था। छह सीटें भाजपा के पास हैं। वर्ष 2022 के चुनाव में सपा ने तीन क्षेत्रों में अपने पुराने नेताओं पर भरोसा जताया है। इनकी गणना सपा के दिग्गज नेताओं में होती है। रामपुर कारखाना से घोषित प्रत्याशी गजाला लारी तीन बार विधायक रह चुकी हैं। वर्ष 2017 के चुनाव में बहुत कम वोटों से हार हुई थीं।
पहली बार गजाला वर्ष 2002 में बसपा से सलेमपुर चुनाव लड़ीं और विधायक बनीं। वर्ष 2007 में सलेमपुर से सपा से उन्होंने भाग्य आजमाया और जीत हासिल कीं। सलेमपुर विधानसभा के सुरक्षित होने के बाद और रामपुर कारखाना नई विधानसभा सृजित होने पर गजाला ने वर्ष 2012 में सपा से चुनाव लड़कर जीत हासिल कीं। वर्ष 2017 के चुनाव में पार्टी की गुटबाजी के चक्कर में वह चुनाव हार गईं, लेकिन पार्टी ने एक बार फिर गजाला पर भरोसा जताया है। कांग्रेस यहां से शहला अहरारी को अपना प्रत्याशी घोषित कर चुकी है।
पथरदेवा से घोषित प्रत्याशी ब्रह्माशंकर त्रिपाठी राजनीति के कुशल खिलाड़ी हैं। पहली बार 1989 में कसया विधानसभा क्षेत्र से जनता दल से चुनाव लड़े और जीते, 1993 में दोबारा जनता दल से चुनाव जीते, 1994 में समता दल बनाकर कई विधायकों के साथ सपा में शामिल हो गए। वर्ष 2002 में सपा से चुनाव लड़कर जीत हासिल की। मुलायम सिंह मंत्रिमंडल में कैबिनेट मंत्री रहे। वर्ष 2007 में सपा से चुनाव जीते और कैबिनेट मंत्री बने। वर्ष 2012 में भी सपा से जीत हासिल की। 2017 में कसया से फिर भाग्य आजमाया, लेकिन चुनाव हार गए। 2020 में देवरिया सदर विधानसभा के उपचुनाव में सपा प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़े, लेकिन उन्हें पराजय का सामना करना पड़ा।
भाटपाररानी से घोषित सपा प्रत्याशी आशुतोष उपाध्याय बबलू, वर्तमान में सपा से विधायक हैं। वर्ष 2012 में इनके पिता पूर्व कैबिनेट मंत्री कामेश्वर उपाध्याय का निधन हो गया। वर्ष 2013 में हुए उपचुनाव में आशुतोष उपाध्याय पर सपा ने भरोसा जताया। उन्होंने 32 हजार वोटों के अंतर से से जीत हासिल की। उन्हें तकरीबन 73 हजार मत प्राप्त हुए थे। वर्ष 2017 के चुनाव में सपा ने उन्हें फिर अपना प्रत्याशी बनाया। आशुतोष उपाध्याय ने दस हजार सात सौ से अधिक मतों से भाजपा प्रत्याशी को हराया। उन्हें तकरीबन 61,800 मत प्राप्त हुए थे। सपा ने तीसरी बार आशुतोष उपाध्याय बबलू पर भरोसा जताया है।