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सरकारी गोदाम से सचिव ने बेच दी 600 बोरी नकली खाद

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90- चार साल से बंद पड़ा चंदन नगर साधन सहकारी समिति 91- जांच कर गोदाम को सील करते अधिकारी 92- नकली डीएपी क? - फोटो : DEORIA
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सरकारी गोदाम से सचिव ने बेच दी 600 बोरी नकली खाद
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चार साल से बंद है चंदन नगर समिति, जिला कृषि अधिकारी की जांच में खुला मामला
नकली खाद के साथ गोदाम सील, सचिव पर दर्ज होगा मुकदमा
संवाद न्यूज एजेंसी
रुद्रपुर/एकौना। कृषि मंत्री के जिले देवरिया में साधन सहकारी समिति के सचिव की नकली खाद बेचने में संलिप्तता पाई गई है। उसने चार साल से बंद पड़े गोदाम से 600 बोरी नकली डीएपी खाद बेच दी। किसानों की शिकायत पर जिला कृषि अधिकारी और एआर कोऑपरेटिव की टीम ने चंदन नगर समिति के गोदाम को सील कर दिया है।
जानकारी के अनुसार पिड़रा स्थित चंदन नगर समिति पिछले चार साल से बंद है। इस समिति पर खाद और बीज का आवंटन नहीं हो रहा है। समिति के सचिव ने छह सौ बोरी नकली डीएपी मंगाकर बिना पॉश मशीन के किसानों में वितरित कर दी। फसल पर खाद का प्रतिकूल असर होने के बाद किसानों ने सचिव की शिकायत की। उन्होंने एसडीएम को ज्ञापन देकर कार्रवाई की मांग की। किसानों के अनुसार करीब सात गांवों के 600 किसानों में नकली खाद वितरित की गई। नकली खाद डालने से चार सौ एकड़ गेहूं की फसल बर्बाद हो गई है। शुक्रवार को जिला कृषि अधिकारी मुहम्मद मुज्जमिल, एआर कोऑपरेटिव अजय कुमार, एडीसीओ राजेश श्रीवास्तव और एडीओ कोऑपरेटिव विशाल कुमार सिंह ने चंदन नगर समिति पहुंचकर मामले की जांच की। उन्होंने नकली खाद का नमूना लेकर गोदाम सील कर दिया। एआर कोऑपरेटिव ने बताया कि चंदन नगर समिति चार साल से बंद है। इस समिति को सरकारी खाद का आवंटन नहीं हुआ है। किसानों ने बताया कि समिति के प्रभारी सचिव उमेश सिंह ने नकली डीएपी वितरित की है। खाद के मूल्य में ओवररेटिंग की गई है। जांच में प्रथमदृष्टया डीएपी नकली लग रही है। इसकी विशेषज्ञ से जांच कराई जाएगी। दस बोरी खाद का नमूना लेकर गोदाम सील कर दिया गया है। सचिव के खिलाफ धोखाधड़ी और उर्वरक नियंत्रण आदेश के उल्लंघन में केस दर्ज कराया जाएगा।
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किसानों ने की क्षतिपूर्ति की मांग
रुद्रपुर। चंदन नगर समिति के सचिव के काले कारनामे का छह सौ किसानों को खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। नकली डीएपी खाद के प्रयोग से उनकी करीब चार सौ एकड़ गेहूं की फसल पीली पड़ गई है। किसानों का करीब सवा करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। जांच समिति के अधिकारियों के सामने बयान दर्ज कराने आए किसानों ने सरकार से क्षतिपूर्ति की मांग की है। पिड़री, पिड़रा, गौनरिया, धर्मपुर, बेलवा दुबौली, रतनपुर, मांगा कोड़र, पचलड़ी आदि के किसानों ने सचिव के खिलाफ केस दर्ज कर जेल भेजने की मांग की। किसान अच्छेलाल यादव, दिनेश कुमार पांडेय, संजय सिंह, विजय प्रताप सिंह, ब्रजेश सिंह, विनोद यादव, विजय मल्ल, इंद्रजीत निषाद आदि किसानों ने कहा कि वह कर्ज लेकर गेहूं की फसल बोए थे। नकली खाद के प्रयोग से सारी फसल चौपट हो गई। साधन सहकारी समिति के सचिव ने किसानों के साथ धोखा किया है। उन्होंने पीड़ित किसानों को फसल का मुआवजा दिलाने का शासन प्रशासन से मांग की।
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