संवाद न्यूज एजेंसी
बरहज। सरयू नदी का जलस्तर पिछले 24 घंटे से थम गया है। वहीं राप्ती नदी 10 सेमी ऊपर बहने लगी है। जलस्तर में उतार-चढ़ाव से कपरवार संगम तट पर नदी कटान कर रही है। दियारा क्षेत्र में बाढ़ का पानी खेतों के रास्ते गांवों की ओर रुख कर रहा है। कटान और बाढ़ की आशंका से लोगों की सांसें अटकी हुई हैं।
दो दिन पहले सरयू दो सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रही थी, मगर शनिवार से जलस्तर थम गया। उधर, राप्ती के जलस्तर में 10 सेमी की बढ़त दर्ज की गई है। नेपाल की ओर से बैराज से छोड़े गए पानी और अन्य प्रांतों में रुक-रुक कर हो रही बारिश से सरयू में पानी बढ़ गया था। नदी थाना घाट स्थित पक्के घाटों के करीब से होकर बहने लगी है।
जलस्तर में उतार-चढ़ाव को लेकर तटवर्ती गांवों के लोगों की चिंता बढ़ गई है। कटइलवा से कपरवार संगम तट तक ड्रीम प्रोजेक्ट के तहत बनाए गए नवीन तटबंध पर सरयू दबाव बनाने लगी है, जबकि कपरवार संगम तट के पास कई जगहों पर कटान कर रही है। इससे जियो बैग की बोरियां और पारकोपाइन नदी की धारा में बह जा रहे हैं। परसियां-विशुनपुर देवार की ओर भी नदी कुछ एक जगहों पर कटान कर रही है। ख्ढ़ खंड के जूनियर इंजीनियर शुभम गुप्त ने बताया कि जलस्तर में कमी आई है। फिलहाल चिंता की बात नहीं है।
भागलपुर संवाद के अनुसार, सरयू नदी के जलस्तर में लगातार घटाव हो रहा है। इससे बाढ़ का खतरा टलता नजर आ रहा है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, शुक्रवार को चार सेमी की रफ्तार से बढ़ने वाली नदी में शनिवार की सुबह चार बजे से दो सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से कमी होने लगी।
शुक्रवार की दोपहर नदी का जलस्तर 62.47 मीटर दर्ज किया गया था। शनिवार की दोपहर नदी का जलस्तर 62.24 मीटर दर्ज किया गया।
12 घंटे में नदी के जलस्तर में 23 सेमी की कमी दर्ज की गई। जलस्तर कम होने से तटवर्ती इलाकों के लोगों ने राहत की सांस ली। केंद्रीय जल आयोग तुर्तीपार के जेई प्रकाश ओझा ने बताया कि नेपाल के पानी से जलस्तर में वृद्धि हो रही थी। सुबह से नदी में घटाव शुरू हो गया है।