बरहज। सरयू नदी का जलस्तर कम होने से तटवर्ती गांवों के लोगों ने राहत महसूस की है। पिछले 12 घंटे में नदी के जलस्तर में करीब पांच सेमी की कमी आई है। हालांकि, राप्ती में भी 10 सेमी का इजाफा दर्ज किया गया है।
नेपाल के बैराज से छोड़े गए पानी से सरयू में उफान आ गया है। इससे नदी इस वर्ष के उच्चतम लेवल खतरे के निशान 66.50 से 1.55 मीटर ऊपर 68.05 मीटर पर बहने लगी थी। अयोध्या में जलस्तर में कमी आने के बाद से शुक्रवार की शाम नदी पांच सेमी घटकर 68.00 मीटर पर बहने लगी है। सरयू और राप्ती के जलस्तर में उफान से नदी का पानी पैना रोड स्थित रामजानकी और कपरवार-रुद्रपुर मार्ग से सटकर बहने लगा है।
वहीं विशुनपुर देवार के 12 मजरों के अलावा कुवाईच टोला, उग्रसेन पुल के पास गोरखपुर जनपद के विस्थापित कोल खास आदि गांवों में नदी का पानी पहुंच गया है। पिछले कुछ महीनों से चारों ओर से राप्ती के पानी से घिरा होने के कारण भदिला प्रथम गांव टापू बना हुआ है। नदी के जलस्तर में हो रहे उतार-चढ़ाव से बाढ़ प्रभावित गांवों की दुश्वारियां बढ़ गई हैं।
नदी का पानी दियारा के पीडब्ल्यूडी बांध से टकराने से बंधे के दरकने का खतरा बढ़ गया है। नदियों के उफनाने और चारों ओर पानी ही पानी होने से जहां कृषि भूमि जलमग्न हो गई है, वहीं मवेशियों के चारा का संकट गहराने लगा है।
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कोट-
सरयू के जलस्तर में कमी आने लगा है। जल्द ही हालात सामान्य हो जाएंगे।
-उपेंद्र कुमार, सहायक अभियंता, बाढ़ खंड