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नदियां उफान पर, सड़कों पर बह रहा पानी

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नदियां उफान पर, सड़कों पर बह रहा पानी
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तटबंधों पर रिसाव से सहमे हुए हैं लोग, कई स्थानों हो रहा बचाव कार्य, देवरहा बाबा आश्रम भी पानी से घिरा
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। जिले की चारों नदियां सरयू, राप्ती, गोर्रा, छोटी गंडक उफान पर हैं। इनके बंधों पर 20 से अधिक स्थानों पर रिसाव हो रहा है। इससे बंधों के किनारे बसे लोग सहमे हुए हैं। हालांकि प्रशासन ने कुछ स्थानों पर बचाव कार्य शुरू किया है। रामजानकी और कपरवार-रुद्रपुर मार्ग समेत कई मार्गों पर पानी पहुंच गया है। देवरहा बाबा आश्रम भी पानी से घिर गया है।
रुद्रपुर प्रतिनिधि के अनुसार, राप्ती और गोर्रा नदी के तटबंधों पर कई स्थानों रिसाव हो रहा है। इससे कछार और दोआबा के गांवों में खलबली मची है।
गोर्रा नदी का जलस्तर 72.00 मीटर पर पहुंच गया है। यह नदी 2017 के हाई फ्लड लेवल से ऊपर पहुंच गई है। जलस्तर बढ़ने से पिड़रा पुल का पिलर डूब चुका है। दोनों नदियों के रौद्र रूप से दोआबा और कछार के 116 गांवों में खलबली मची है। तटवर्ती गांवों में बसे लोग मकान खाली कर बंधों पर शरण लिए हुए हैं। पचलड़ी गांव में बांध में कई जगह रिसाव से गांव में पानी जाने का खतरा बना हुआ है। राप्ती का जलस्तर 71.85 मीटर पर पहुंच गया है। बाढ़ की आशंका से लोग बंधों पर दिन रात पहरा दे रहे हैं। तिघरा मराछी बांध पर राप्ती नदी से तीन जगहों पर तेजी से रिसाव हो रहा है। अवर अभियंता रिसाव को रोकने के लिए गिट्टी बालू और सीमेंट डलवा रहे हैं। हालांकि ज्यादातर प्रयास विफल हो रहा है। गोर्रा और राप्ती पर बने तटबंध पर 13 जगह रिसाव शुरू हो जाने से बाढ़ की आशंका हर पल बढ़ती जा रही है। दोआबा के गांवों में लोग वाहनों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रहे हैं। बथूआ और कुरना नदी उफना कर बांगर के गांवों को जलमग्न कर रहीं हैं। करमेल बनरही, बड़हरा, दीनापार, कृतपुरा, सरया, अम्मा उर्फ अमवा सहित एक दर्जन गांवों का रास्ता बंद हो गया है। यह गांव चारो ओर से पानी से घिरे हैं। एसडीएम संजीव कुमार उपाध्याय ने कहा कि पानी से घिरे गांवों में आवागमन के लिए नाव की व्यवस्था कर दी गई है। सभी बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया गया है। शरण स्थलों का चिह्नांकन कर लोगों को सुरक्षित स्थान पर ले जाने की व्यवस्था हो रही है। बांध कटने से बचाने के लिए मनरेगा के मजदूरों को भी लगाया गया है।
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बरहज प्रतिनिधि के अनुसार, पानी बढ़ने से रामजानकी और कपरवार-रुद्रपुर मार्ग तक पहुंच गया है। बृहस्पतिवार को थाना घाट पर बाढ़ खंड विभाग की ओर से बनाए गए मीटर गेज पर नदी खतरे के निशान 66.50 से एक मीटर 65 सेमी ऊपर 68.15 पर बह रही है। बाढ़ के कारण नदी का पानी आजाद नगर दक्षिणी, रगरगंज, पुराना बरहज, पटेल नगर में तेजी से फैल रहा है। परसियां-विशुनपुर देवार के 22 टोले जलमग्न हो गए हैं। भदिला प्रथम और गोरखपुर का विस्थापित कोल खास गांव टापू बना हुआ है। सरयू में आई बाढ़ से राप्ती भी उफान पर है। नदी के जलस्तर में 10-15 सेमी बढ़त दर्ज हो रही है। मेहियवां, रगरगंज नौका टोला में गनेश मणि के सागौन के बागीचे से होकर रामजानकी मार्ग, बिनवापुरी गांव के निकट सड़क के फुटपाथ तक पहुंच गई है। सरयू नदी के उफनाने से बाढ़ का पानी सड़कों और बंधों पर दबाव बनाने लगा है। जिससे कुछ जगहों पर बंधों और रेगुलेटर में रिसाव होने लगा है। बाढ़ खंड विभाग के सहायक अभियंता अशोक द्विवेदी, जेई नागेंद्र प्रताप सिंह तहसीलदार सतीश कुमार आदि के साथ कटइलवा, नदी में विलीन हो चुके कुरह परसियां बने नए बंधों पर स्थिति का जायजा लिया। जबकि बेलडाड़, महेन, समोगर आदि रेगुलेटरों के रिसाव की जांच की। सहायक अभियंता ने बताया कि हालात पर नजर रखी जा रही है। नदी दिन-प्रतिदिन बढ़त बना रही है। पिछले वर्ष नदी जलस्तर 68.20 मीटर पर पहुंच कर वापस हो गया था।
सरयू के उफनाने से परसियां-विशुनपुर देवार के अलावा तटवर्ती गांवों के छह से अधिक गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। बृहस्पतिवार को प्रशासन की ओर से दियारा क्षेत्र में राहत सामग्री भेजी गई है। गांव के मंजनाथ, संजय यादव, जगदीश, अशोक आदि का कहना है कि जहां लोग नदी का अभिशाप झेल रहे हैं। वहीं प्रशासन की ओर से दी जा रही राहत सामग्री ऊंट के मुंह में जीरा साबित हो रही है।
भागलपुर प्रतिनिध के अनुसार, सरयू नदी के उफनाती लहरों ने छित्तूपुर, भागलपुर मईल बंधा, भागलपुर पिंडी रोड व नदी के तट पर बसे गांवों पर दबाव बनाना शुरू कर दिया है। कई गांवों में पानी घुसने लगा है। नदी खतरे के निशान से एक मीटर 20सेमी ऊपर बह रही है। भागलपुर मईल रेवली का कई किलोमीटर भूभाग में नदी का पानी फैल गया है। ग्राम पंचायत गोंडौली तीन तरफ से पानी से घिर गया है। गांव में जाने वाली सड़कों के उपर से तीन फीट उपर पानी बह रहा है। छित्तूपुर गांव को भी तीन तरफ से पानी ने घेर लिया है। घरों में पानी घुसने लगा है। छित्तूपुर रेगुलेटर और बंधे पर नदी के पानी का दबाव बढ़ने लगा है। भागलपुर पिंडी रोड पर ईंट भट्ठा के पास सड़क के उपर से पानी बहना शुरू हो गया है। देवरहा बाबा आश्रम पर जाने वाली सड़क के ऊपर से दो फीट पानी बह रहा है। आश्रम भी चारों तरफ से घिर चुका है। प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराई गई दो नाव ही एक मात्र आश्रम पर जाने का सहारा है। इस बारे में बरहज के एसडीएम संजीव कुमार यादव ने बताया कि बाढ़ क्षेत्रों में बाढ़ राहत चौकियों को एलर्ट कर दिया गया है।
खौफ के साए में रात काट रहे बाढ़ पीड़ित
संवाद न्यूज एजेंसी
रुद्रपुर। तीन दिनों से राप्ती और गोर्रा के जलस्तर में तेजी से बढ़ रहा है। इससे कछार और दोआबा क्षेत्र की तीन लाख की आबादी खौफ के साए में जी रही है। दोनों नदियों के हाई फ्लड लेवल पर पहुंच जाने से कई गांवों के अस्तित्व पर संकट मंडराने लगा है।
बंधों के किनारे जगह जगह रिसाव शुरू हो जाने से लोग वर्ष 1998 और 2017 के मंजर को याद कर सिहर जा रहे है। बांध पर लगातार गोर्रा और राप्ती नदी लगातार दबाव बनाए हुए हैं॥। इस कारण दोआबा के 52 गांवों के लोगों के चेहरे की हवाई उड़ी हुईं हैं।
आग लगने पर कुआ खोद रहा सिंचाई विभाग
रुद्रपुर। बाढ़ पीड़ित और रिटायर पुलिस अधिकारी दिनेश चंद शुक्ल ने कहा कि बाढ़ से बचाने के लिए पहले कोई इंतजाम नहीं किया गया। सिंचाई विभाग आग लगने पर कुआं खोद रहा है। दोआबा और कछार में भयावह स्थिति है। सब लोग दहशत में जी रहे हैं।
दुबरी शुक्ल ने कहा कि बांध की सफाई नहीं होने से रिसाव बढ़ता जा रहा है। नदीं का पानी कभी भी बांध तोड़कर गांव को तबाह कर सकता है। चारों ओर खौफनाक मंजर नजर आ रहा है। बंधो पर झाड़ी उगने से बांध पर जगह जगह रिसाव हो रहा है।
हरिबंश ने कहा कि नदी में 98 की बाढ़ से अधिक पानी भर जाने से दोआबा और कछार से गांवों का नामोनिशान मिट सकता है। बाढ़ का अभिशाप झेलने को मजबूर कछार वासियों की बदनसीबी नियती बन गई। सरकारी अमले को लोगों की जान माल की सुरक्षा की कोई चिंता नहीं है।
उमराव ने कहा कि दोआबा और कछार के लोगों को संकट के समय में उनके हाल पर छोड़ दिया गया है। गांव के लोग बांध को बचाने के लिए दिन रात मेहनत कर रहे है। जिम्मेदार अब हाथ खड़ा कर चुके हैं। पिछले 20 साल से बाढ़ पीड़ितों की उजड़ने और बसने में जिंदगी तबाह हो रही है।
जिला पंचायत अध्यक्ष और सपा नेता बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचे
संवाद न्यूज एजेंसी
बरहज/बरठा लाला। जिला पंचायत अध्यक्ष गिरीशचंद्र तिवारी समर्थकों के साथ बृहस्पतिवार को भी बाढ़ प्रभावित गांवों में पहुंचे और लोगों का हाल जाना। बरहज क्षेत्र में निरीक्षण के दौरान उन्होंने उच्चाधिकारियों से फोन पर बाढ़ पीड़ितों को समुचित व्यवस्था कराने का निर्देश दिया। इस मौके पर अंगद तिवारी, रामजोखन निषाद, रामाश्रय यादव, वीरेंद्र चौधरी, जितेंद्र तिवारी, हेमंत चौहान, राज यादव, भूपेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
बरठा लाला प्रतिनिधि के अनुसार, सरयू नदी के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी से तटवर्ती लोग परेशान हैं। सपा नेता डा. गुंजन यादव ने बढौना, तेलिया कला नरसिडाड़, मईल,नरियाव गांवों में बृहस्पतिवार को जाकर पीड़ितों लोगों का हाल जाना। उन्होंने कहा कि सरयू नदी का पानी भरने से जनता परेशान है। वहीं पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था नहीं है लेकिन प्रशासन इनकी सुध नहीं ले रहा है। उन्होंने एसडीएम के बात कर पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था बाढ़ प्रभावित लोगों का सहयोग करने के लिए कहा। इस अवसर पर बलवंत यादव, वी.के.यादव, रविकेश चौधरी, अभिमन्यु पाल, मकेश यादव, पियूष चौधरी, बबलू आदि मौजूद रहे।
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रामजानकी मार्ग के रास्ते भारी वाहनों के आवागमन पर लगी रोक
कपरवार। सरयू नदी में उमड़ रहे सैलाब से बाढ़ का पानी सड़क पर पहुंच गया है। उग्रसेन पुल के पार रामजानकी मार्ग के कुछ जगहों पर नदी का पानी सड़कों पर आ गया है। इससे सड़क के कटने की आशंका है। इसे देखते हुए कपरवार चौकी से भारी वाहनों का प्रवेश बंद कर दिया गया है। जिन्हें रुद्रपुर के रास्ते गंतव्य के लिए रवाना किया जा रहा है। चौकी इंचार्ज वीरेंद्र मौर्य ने बताया कि नदी सड़क पर दबाव बना रही है। जिसको लेकर भारी वाहनों का आवागमन बंद कर दिया गया है।
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