स्वास्थ्य विभाग में 21 पदों पर चयन की होगी जांच
देवरिया। जिला स्तरीय कमेटी गठित किए बगैर स्वास्थ्य विभाग में चतुर्थ श्रेेणी के 21 पदों पर चयन कर लिया गया है। शिकायत पर डीएम ने जांच बैठा दी है। एडीएम वित्त एवं राजस्व सहित तीन अधिकारियों को जांच टीम में शामिल किया गया है।
सीएमओ डॉ. आलोक पांडेय ने डीएम को तीन दिसंबर 2021 को पत्र लिखा, जिसमें उन्होंने अपर मुख्य सचिव के 18 अगस्त 2020 के पत्र हवाला दिया। कहा कि मैनपावर के चयन में ई-गवर्नमेंट, ई-मार्केट प्लेस, जेम से निर्देश के क्रम में सेवायोजन पोर्टल के माध्यम से अभ्यर्थियों का चयन करना है। डीएम ने सीएमओ को सीडीओ की अध्यक्षता में कमेटी गठित करने के संबंध में वार्ता करने का लिखित निर्देश दिया। सीडीओ रवींद्र कुमार ने शासनादेश के क्रम में छह दिसंबर 2021 को प्रस्ताव प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। उधर, सीएमओ ने डीएम एवं सीडीओ के निर्देशों को दरकिनार कर बिना जनपदीय कमेटी का गठन किए, चतुर्थ श्रेणी के 21 अभ्यर्थियों का चयन उसी तिथि में कर लिया। उमानगर निवासी राजेश सिंह ने चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए डीएम से शिकायत की। आरोप लगाया कि महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं ने 12 नवंबर 2021 को निर्देश दिया था कि जो कर्मी इसके पूर्व जेम पोर्टल से रख लिए गए हैं, उनकी सेवाएं ली जाएं। उनका नवीनीकरण किया जाए। इसके बावजूद, नियमों को दरकिनार कर चयन कर लिया गया।
विभागीय ठेकेदार, अफसरों के नौकरों का हुआ चयन
देवरिया। सीएमओ के अधीन चतुर्थ श्रेणी के 21 कर्मचारियों के चयन में नियमों की अनदेखी हुई है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, वार्ड ब्वाय, कुक के तीन-तीन पद, वार्ड आया चार, चपरासी और धोबी के दो-दो पद और, चौकीदार के सात पदों पर चयन हुआ है। इसमें स्वास्थ्य विभाग के एक ठेकेदार, एक अधिकारी के घरेलू नौकर भी शामिल हैं।
अधिकारियों के संज्ञान में मामला लाए जाने के बाद आउटसोर्सिंग ऑफ मैन पॉवर के तहत चयन किया गया है। इसमें कोई अनियमितता मेरे स्तर से नहीं की गई है। -डॉ. आलोक पांडेय, सीएमओ
मेरी अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों के चयन प्रक्रिया में हुई गड़बड़ी की जांच होनी है। गठित टीम में ट्रेजरी अफसर एवं डीएसओ सदस्य हैं। नोटिस देकर शासनादेश एवं कागजात मांगे गए हैं। -नागेंद्र सिंह, एडीएम वित्त एवं राजस्व