वरिया। शहर के गोरखपुर रोड स्थित दयानंद उर्मिला हॉस्पिटल में शुक्रवार को प्रसव के लिए भर्ती कराई गई महिला और गर्भ में पल रहे शिशु की मौत हो गई। जानकारी मिलने के बाद नाराज परिवार वालोें ने अस्पताल में हंगामा कर दिया। आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन ने इलाज में देरी और लापरवाही की। मौत के बाद महिला का शव गेट से बाहर निकलवा दिया और मुख्य गेट को अंदर से बंद कर लिया। हंगामे की सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस और सीओ सिटी संजय कुमार रेड्डी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने नाराज परिवार वालों को समझाने की कोशिश की। इस दौरान अस्पताल का मुख्य गेट बंद रहा। बाद में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पहुंच कर अस्पताल को सील कर दिया।
गौरी बाजार थाना क्षेत्र के सुपरी बुजुर्ग गांव निवासी अमर गोंड़ की पत्नी सोनी देवी (30) गर्भवती थी। उनका यह दूसरा बच्चा था। शुक्रवार की सुबह प्रसव के लिए परिजन उन्हें गोरखपुर रोड स्थित दयानंद उर्मिला हॉस्पिटल लेकर पहुंचे। वहां उन्हें भर्ती कराया गया। परिजन के मुताबिक, अस्पताल के डॉक्टर ने इलाज के लिए 50 हजार रुपये जमा करने को कहा था। परिजन रुपये की व्यवस्था करने में जुट गए। इसी बीच शाम को सोनी देवी की मौत हो गई। गर्भ में ही बच्चे की भी मौत हो गई। जच्चा-बच्चा की मौत की जानकारी मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई।
परिजन का आरोप है कि महिला के इलाज में लापरवाही की गई। अस्पताल प्रबंधन ने उनकी बात सुनने के बजाय महिला का शव अस्पताल के गेट से बाहर निकलवा दिया। अस्पताल प्रबंधन के इस रवैये से परिजन की नाराजगी और बढ़ गई। वे अस्पताल के बाहर विरोध जताने लगे। गोरखपुर हाईवे पर जाम लगाने की तैयारी करने लगे।
परिजन महिला और शिशु की मौत को लेकर अस्पताल प्रबंधन से जवाब चाहते थे। हंगामे की सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंच गई। सीओ सिटी संजय कुमार रेड्डी भी अस्पताल पहुंचे और परिजन को समझाया। शाम तक अस्पताल के कर्मचारी मुख्य गेट बंद किए रहे। इसी बीच एसीएमओ डॉ. अजीत सिंह की टीम ने पहुंच कर अस्पताल को सील कर दिया। सीओ सिटी संजय कुमार रेड्डी ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा।
..
कोट
निजी अस्पताल में महिला और उसके गर्भ में शिशु की मौत हो गई। परिजनो ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। वह अस्पताल पर कार्रवाई की मांग कर रहे थे। जन भावनाओं को देखते हुए अस्पताल को सील कर दिया गया है।
-डॉ. अजीत कुमार सिंह, एसीएमओ।
.