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चालकों-परिचालकों के अभाव में हर रोज खड़ी हो रहीं 20 से 25 बसें

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बस के इंतजार में परेशान रहे यात्री। संवाद - फोटो : DEORIA
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चालकों-परिचालकों के अभाव में हर रोज खड़ी हो रहीं 20 से 25 बसें
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परिसर में लोकल रूट के यात्रियों को नहीं मिल रही हैं समय से बसें
जिम्मेदारों की लापरवाही का फायदा डग्गामार वाहन वाले उठा रहे
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। डिपो में चालकों व परिचालकों के अभाव एवं ईटीएम की खराबी के चलते प्रतिदिन 20 से 25 बसें खड़ी हो रही हैं । लोकल रूटों पर बसों के नहीं चलने से संबंधित जगहों के यात्री परेशान हो रहे हैं। इधर, अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे, उधर, डग्गामार वाहन वाले उठा रहे हैं।
देवरिया डिपो में वर्तमान में निगम की 65 एवं अनुबंधित 113 बसें हैं। कुल 178 बसों के सापेक्ष नियमित चालक केवल 44, जिसमें चार दिव्यांग होने से वाहन नहीं चलाते हैं। नियमित परिचालक 46 हैं, इनमें से सात लिपिक का कार्य करते हैं। जबकि 89 संविदा के चालक एवं 215 परिचालक संविदा वाले हैं। उपलब्ध बसों के अनुपात में चालकों एवं परिचालकों की संख्या कम होने से अधिकांश बसें परिसर में ही खड़ी रह रही हैं। शादी-विवाह का मौसम होने से हाल के दिनों में यात्रियों की संख्या बढ़ी है। इसके बावजूद परिवहन निगम के अधिकारी पर्याप्त चालकों व परिचालकों की व्यवस्था कर पाने में नाकाम साबित हो रहे हैं। कोढ़ का खाज का काम इलेक्ट्रानिक टिकटिंग मशीनों की खराबी कर रही है। बसों के सापेक्ष पर्याप्त मशीनें नहीं होने और अधिकांश मशीनों की कार्यक्षमता की समय सीमा समाप्त हो जाने के चलते मैनुअल पर चलने में अधिकांश परिचालक रुचि नहीं दिखा रहे हैं। ऐसे में लार, पिंडी, दोहरीघाट, रुद्रपुर, कसया, बरहज, मेहरौना आदि मार्गों पर रोडवेज बसें नहीं चल रही हैं। इसका नुकसान दैनिक यात्रियों को भी उठाना पड़ रहा है। एमएसटी होने के बावजूद वह इसका फायदा नहीं उठा पा रहे हैं।
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इस संबंध में सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक, ओम कुमार मिश्रा ने बताया कि बसों के सापेक्ष चालकों-परिचालकों की कमी एवं ईटीएम की अनुपलब्धता के बारे में उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है। जो संसाधन उपलब्ध हैं, उसी से संचालन किया जा रहा है।
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