फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गर्भवती किशोरी मौत मामला: मासूम की हत्या कर पिता को नहीं है पछतावा, बोला- ऐसी बेटी दुश्मन के घर भी न जन्मे

Fri, 07 Apr 2023 10:42 AM IST
vivek shukla संवाद न्यूज एजेंसी देसही देवरिया।

सार

महुआडीह थाना क्षेत्र के एक गांव की किशोरी 28 मार्च से घर से गायब थी। तीन दिन बाद उसका शव गांव के करीब छोटी गंडक में मिला था। शव मिलते ही क्षेत्र में सनसनी फैल गई। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराया तो पांच माह के गर्भवती होने की पुष्टि हो गई।
विज्ञापन
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी पिता। - फोटो : अमर उजाला।
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

देवरिया जिले में एक हैरान करने वाला मामला समाने आया है। यहां महुआडीह थानाक्षेत्र के एक गांव निवासी गर्भवती किशोरी की हत्या का खुलासा बृहस्पतिवार को पुलिस ने कर दिया। पिता ने ही बेटी के गर्भवती होने पर हत्या कर शव को नदी में फेंक दिया था। उसने पुलिस को बताया कि 24 अप्रैल को भतीजी की शादी थी। इसमें सभी रिश्तेदार जुुटते तो उसकी बड़ी बेइज्जती होती। इसके चक्कर में उसने मौका मिलते ही बेटी को मौत के घाट उतार दिया। उसने कहा कि हमें कोई पछतावा नहीं है। ऐसी बेटी दुश्मन के घर भी न जन्मे।

विज्ञापन


महुआडीह थाना क्षेत्र के एक गांव की किशोरी 28 मार्च से घर से गायब थी। तीन दिन बाद उसका शव गांव के करीब छोटी गंडक में मिला था। शव मिलते ही क्षेत्र में सनसनी फैल गई। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराया तो पांच माह के गर्भवती होने की पुष्टि हो गई। इस मामले में पुलिस ने पहले ही दिन शक जाहिर कर दिया कि किशोरी की हत्या में उसके करीबियों का ही हाथ है।

इसे भी पढ़ें: इंस्टाग्राम पर हुई दोस्ती के बाद हुआ प्यार, अब शादी की जिद पर अड़ीं दो युवतियां
विज्ञापन


इसके बाद पुलिस ने पिता, चाचा, मां सहित अन्य को हिरासत में ले लिया। मामले में दो अप्रैल को अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ। पूछताछ के बाद पुलिस ने बृहस्पतिवार को मामले का खुलासा कर दिया। आरोपी पिता ने पुलिस को बताया कि घटना की रात पत्नी सहित अन्य परिजन मेले में चादर चढ़ाने के लिए गए थे।

भतीजी की बरात 24 अप्रैल को आनी है। लोग ताना मारते थे। घर पर अकेले बेटी थी। हमने सोचा कि इससे अच्छा मौका अब नहीं मिलेगा। जल्दी-जल्दी दुकान बंद किया और घर पहुंचने के बाद साजिश रची। नदी के किनारे पहले बोरे में बालू भरकर रख दिया। इसके बाद घर आया और बेटी को बुलाया और कहा कि बोरे में अनाज लेकर आया हूं। अकेले नहीं आ पाएगा, चलो साथ लेकर आते हैं।

इसे भी पढ़ें: पत्नी को चादर चढ़ाने भेजा दरगाह, पिता ने झूठी शान के लिए बेटी को उतारा मौत के घाट

बेटी जब नदी घाट पर पहुंची और आगे-आगे चलने लगी और ज्योंही झुककर बोरा उठाई तो दुपट्टे से उसका गला कस दिया और पैर से दबा दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। घटना के बाद बोरे से बांध कर उसे फेंक दिया कि उसका शव सड़ जाएगा और राज नहीं खुलेगा।

किशोरी की मां बोली- पुलिस ने बनाया दबाव

मां ने पुलिस को अज्ञात के खिलाफ तहरीर दी थी। जिस पर मुकदमा दर्ज हुआ। जब मामले का खुलासा हुआ तो यह बात सामने आई कि उसका पति ही हत्या आरोपी है। हालांकि पत्नी शकीना पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़ा कर रही है। उसने बताया कि पुलिस ने दबाव बनाकर जुर्म कबूल कराया है। हमारे पति निर्दोष हैं।

इसे भी पढ़ें: गर्भवती किशोरी के पिता, चाचा व प्रेमी हिरासत में, दो दोस्तों की भी जारी तलाश

प्रेमी अभी भी पुलिस हिरासत में
सीओ सिटी श्रीयश त्रिपाठी ने बताया कि किशोरी की हत्या पिता ने ही किया था। उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। प्रेमी की भूमिका हत्या करने में नहीं रही है। अन्य पहलुओं पर जांच पड़ताल की जा रही है। उसकी भूमिका के बारे में पूछताछ के लिए रखा गया है। विधिक राय लेने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।

इससे पहले भी हो चुकी है इज्जत की खातिर हत्या

 जुलाई 2014 में तरकुलवा थाना क्षेत्र के ग्राम पिपरा में प्रेमी युगल का शव मिला था। मामले का खुलासा हुआ तो पता चला कि दोनों झूठी शान की चक्कर में जान गवां बैठे थे। 2021 में महुआडीह थाना क्षेत्र में ही एक लड़की को परिजनों ने इज्जत की खातिर मार डाला था।

इसे भी पढ़ें: तीन दिन से लापता गर्भवती किशोरी का नदी में मिला शव, कमर में बंधी थी बालू की बोरी

इसी तरह बरहज थाना क्षेत्र के एक गांव में प्रेम विवाह करने के चलते पिछले साल महिला की हत्या कर दी गई थी। करीब सात वर्ष पहले जौनपुर के दो युवकों को युवती के परिजनों ने मारकर नदी में फेंक दिया था, जिनका शव बरामद नहीं हुआ। 2014 में भटनी थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी सगी दो बहनों को परिजनों ने प्रेम संबंध के कारण हत्या कर दी थी।
 
विज्ञापन

विशेषज्ञों ने क्या कहा

संत विनोबा पीजी कॉलेज की मनोविज्ञान की विभागध्यक्ष डॉ. नाजिश बानो ने कहा कि बच्चों की परवरिश पर ध्यान देने की जरूरत है। वह किस दिशा में जा रहे हैं, इस पर नजर रखना चाहिए। इस तरह की घटनाएं भावनाओं को ठेस लगने के कारण होती है। घटना रोकने के लिए सबसे जरूरी है कि अपनी संतान के बारे में पूरी जानकारी रखें और धैर्य पूर्वक समझाएं।

रिटायर्ड डीआईजी डॉ. श्रीपति मिश्र ने कहा कि हर अभिभावक को अपनी संतान को लेकर सर्तक रहना चाहिए। इसमें सबसे अधिक भूमिका मां की होती है। पूरे परिवार के साथ दोस्त की भूमिका होनी चाहिए। हर गतिविधि पर नजर रहना चाहिए। पुलिस को पूरी सजगता के साथ ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें