पिता ने पुलिस को बताया कि बेटी के गर्भवती होने की जानकारी उसे थी। इसकी चर्चा गांव में होने लगी थी। जब वह कहीं आता-जाता था तो लोग कानाफूंसी करते थे। तंज कसते थे। इससे वह परेशान हो गया था। बताया कि एक दिन जब शाम को वह अपने मित्रों के साथ खा-पी रहा था तो दावत में मौजूद एक मित्र ने नशे की हालत में खुलेआम बेटी का प्रकरण उठा दिया। यह बात उसे बहुत बुरी लगी।
बताया कि वारदात की रात पत्नी और अन्य घरवाले दरगाह पर चादर चढ़ाने के लिए चले गए। इसी बीच उसके दिमाग में यह बात आई कि बेटी को रास्ते से हटा दिया जाए। इस कारण दुकान जल्दी बंद कर दी। वहीं से बोरा खरीद लिया। घर पहुंचने से पहले नदी के किनारे गया और बोरे में बालू भरकर वहीं पर छिपा दिया।
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रात में करीब 10 बजे वह किशोरी को लेकर घर से कुछ दूरी पर स्थित सुनसान जगह पर नदी के किनारे पहुंच गया। मौका पाकर किशोरी के दुपट्टे से उसका गला घोंट दिया। किशोरी चिल्लाई तो उसके मुंह पर हाथ रख दिया और जोर से गला दबा कर उसकी जान ले ली। मारने के बाद भी बेटी को एक-दो बार हिला-डुलाकर देखा। जब उसे लगा कि बेटी मर गई है तो लाश को बालू के बोरे में बांधकर नदी में फेंक दिया। दूसरे दिन जब मां और परिजन लौटे तो उन्हें झूठी कहानी बता दी कि वह कहीं चली गई है। उसे तलाशने के लिए पत्नी के साथ खुखुंदू सहित अन्य जगहों पर गया।
मामले में हिरासत में लिए गए प्रेमी पर पुलिस को जब शक हुआ तो उससे बुधवार को कड़ाई से पूछताछ की। प्रेमी ने बताया कि किशोरी से गायब होने वाले दिन बात हुई थी। उसके पास मोबाइल नहीं था। वह अपनी मां के मोबाइल से बात करती थी। प्रेमी ने बताया कि उसे भी डर लगता था कि अगर फोन करेंगे तो कोई दूसरा उठा लेगा तो विवाद हो जाएगा। यही वजह है कि वही अक्सर फोन करती थी। बताया कि अगर वह हमारे समुदाय से ताल्लुक रखती तो गांव छोड़कर उसे लेकर बाहर चले जाते।
एएसपी राजेश कुमार सोनकर ने बताया कि फिलहाल तक वारदात को अंजाम देने में किशोरी के पिता का हाथ सामने आया है। उसने ही गला दबाकर हत्या की है। अन्य पहलुओं की जांच चल रही है। शुक्रवार को खुलासा किया जाएगा।