रुद्रपुर। शुक्रवार को सीएम के मंच पर रुद्रपुर विधायक जयप्रकाश निषाद की तरफ से पंपिंग स्टेशन की मांग उठाने के बाद पांच साल से लटकी परियोजना के जल्द पूरा होने की उम्मीद जगी है।
दोआबा क्षेत्र के 52 गांवों के पानी को निकालने के लिए सचौली पटवनिया में लगा रेगुलेटर बहुत उपयोगी होगा।
दो नदियों राप्ती और गोरा के बीच बसे 52 गांव के बरसाती पानी को निकालने के लिए सचौली पटवनिया में बन रहा रेगुलेटर किसी काम का नहीं रह गया है। बरसात के मौसम में राप्ती नदी का जलस्तर बढ़ जाने से रेगुलेटर से उल्टा क्षेत्र में पानी बहने लगता।
बरसात में करीब 1500 एकड़ भू भाग पर फैले पानी को राप्ती नदी में डालने के लिए दोआबा के लोग पंपिंग स्टेशन बनाने की मांग कर रहे हैं। सचौली पटवनिया में करीब 49 करोड़ की लागत से बनने वाले पंपिंग स्टेशन का प्रस्ताव 5 साल से प्रस्ताव अधर में लटका है। राप्ती नदी का जलस्तर बढ़ने से रेगुलेटर से उल्टा पानी चढ़ने लगता। इस कारण 52 गांव के किसानों की हर साल धान और मक्के की फसल बर्बाद हो रही।
जल भराव के कारण न केवल धान और मक्के की फसल बर्बाद हो रही, बल्कि गेहूं की फसल की बुवाई भी पिछड़ जा रही है। जल निकासी की व्यवस्था बिगड़ने से किसान किसी तरह वर्ष में सिर्फ गेहूं की फसल ही उगा पाते हैं।
इस समस्या से निजात दिलाने के लिए सचौली पटवनिया में पंपिंग स्टेशन बनाने की योजना बनाई गई।
किसान उपेंद्र सिंह ने कहा कि दोआबा के लोग दो दशक से परेशान है।