सरयू नदी में उठ रही लहरों से दहशत, कटान की आशंका
बरहज। सरयू नदी में आए सैलाब से राप्ती नदी भी उफान पर है। जलस्तर में निरंतर कमी आने से तटवर्ती गांवों के लोगों ने कुछ हद तक राहत महसूस की है। जबकि नदी में उठ रही लहरों से कटान की संभावना बढ़ गई है। इससे किसानों में दहशत है।
बुधवार को सरयू नदी थाना घाट पर बने मीटर गेज पर खतरे के निशान 66.50 मीटर से 90 सेमी ऊपर 67.40 मीटर पर बह रही थी। इस वर्ष का 68.15 मीटर नदी का उच्चतम जलस्तर रहा है। बाढ़ से दियारा के परसियां-विशुनपुर के 26 टोले के लोगों की दुश्वारियां बढ़ गई हैं। वहीं भदिला प्रथम गांव मैरुंड है। नदी निरंतर पीछे हट रही है। जिससे बाढ़ का पानी नदी की ओर का रुख कर लिया है। लेकिन नदी का पानी हटने से जगह-जगह जलभराव हो गया है। दुर्गंध से जीवन मुहाल हो गया है। हालांकि नदी में उठ रही लहरों से किसानों का कलेजा कांप जा रहा है। बाढ़ हटने और नदी की तेज लहरों के कारण पैना, रगरगंज, मेहियवां, कटइलवा से कपरवार संगम तट तक तटवर्ती गांवों के लोग कटान की आशंका से भयभीत हैं। एसडीएम संजीव कुमार यादव ने बताया कि जलस्तर तेजी से घट रहा है। जलस्तर पर नजर रखी जा रही है।
राप्ती नदी खतरे के निशान से नीचे, गोर्रा का जलस्तर लाल निशान से 15 सेमी ऊपर
रुद्रपुर। राप्ती नदी का जलस्तर बुधवार को खतरे के निशान से नीचे चला गया। राप्ती का जलस्तर लाल निशान के नीचे जाने के बाद बाढ़ का खतरा पूरी तरह टलता नजर आ रहा है। हालांकि गोर्रा नदी अभी लाल निशान से 15 सेमी ऊपर है। नदियों का जल स्तर घटने से कटान जारी है। कटान स्थलों पर बचाव कार्य चल रहा है।
राप्ती नदीं के तट पर गायघाट गांव के पास कटान तेजी से हो रहा है। यहां नदीं के रोलबैक करने से सिंचाई विभाग कटान पर काबू पाने में असफल रहा है। नदी की धारा में करीब 300 कंकरीट के पारकोपाइन विलीन हो गया। सिंचाई विभाग अब बांध को बचाने के लिए ईंट भरी बोरियों का सहारा ले रहा है। जलस्तर तेजी से घटने से कटान और तेज होता जा रहा है। भगवानमाझा में कटान को काबू में करने का दावा किया जा रहा है। लेकिन ग्रामीणों के अनुसार कटान अभी रूका नहीं है। यहां नदी करीब दस मीटर बांध को नुकसान पहुंचा चुकी है। गायघाट में कटान से नदीं बंधे के पिच तक पहुंचने के करीब हैं। बाढ़ खंड देवरिया के एसडीओ रवि शंकर यादव ने कहा कि राप्ती के लाल निशान के नीचे जाने के बाद तिघरा मराछी बांध अब सुरक्षित हो गया है। इस बांध पर कही भी कटान नहीं हो रहा है। बांध में हो रहें रिसाव रूक गए हैं। एई सचिन अग्रवाल ने कहा कि गायघाट में कटान को काबू में कर लिया गया है। बांध को बचाने के लिए सिंचाई विभाग की पूरी टीम लगी है। कटान स्थल को सुरक्षित करने के लिए कार्ययोजना बनाई जा रही है।