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अब मिठाई का डिब्बा बनाएंगी समूह की महिलाएं

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मिठाइ का डिब्बा बनाने के लिए प्रशिक्षण ले रही स्वंय सहायता समूह की महिलाए। - फोटो : DEORIA
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अब मिठाई का डिब्बा बनाएंगी समूह की महिलाएं
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देवरिया। सामाजिक कुरीतियों को पीछे धकेलकर गांव की महिलाएं कामयाबी की सीढ़ी चढ़ रही हैं। एनआरएलएम का साथ पाकर उनके अरमानों को पंख लग रहे हैं। खेतीबाड़ी, सिलाई-कढ़ाई से ऊपर उठकर स्वयं सहायता समूह की महिलाएं पुरुषों के साथ कदम ताल करते उद्योग के क्षेत्र में भाग्य आजमा रही हैं।
महिलाओं के बुलंद हौसलों को देखते हुए एनआरएलएम मिठाई का डिब्बा बनाने का प्रशिक्षण शुरू किया है। अलग-अलग समूह से आई दर्जन भर महिलाएं रामनाथ देवरिया स्थित डिब्बा व्यवसायी सोनू मद्धेशिया के यहां हुनर सीख रही हैं। यह अपने समूह की सभी महिलाओं को इस काम में पारंगत करेंगी। चौक-चौराहों से लगायत शहर की सैकड़ों मिठाई की दुकानों पर ऑर्डर के अनुसार डिब्बों की डिलीवरी करेंगी। महिलाएं एक पाव से लगायत पांच सौ ग्राम, एक किलोग्राम व दो किलोग्राम मिठाई के लिए अलग-अलग साइजों में डिब्बे तैयार कर रही हैं।
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हर रोज नौ सौ रुपये होगी आमदनी
प्रशिक्षक सोनू मद्धेशिया के अनुसार मिठाई का डिब्बा तैयार करने वाली प्रत्येक महिला हर रोज नौ सौ रुपये कमा सकती हैं। पांच सौ ग्राम के एक डिब्बे को तैयार करने की लागत चार रुपये 20 पैसे है। जिसका बाजार में थोक भाव करीब छह रुपये है। फुटकर भाव में इसे सात रुपये में भी बेचा जाता है। मेहनत से काम करने वाली महिला प्रतिदिन करीब पांच सौ डिब्बा बना सकती हैं।
इन समूहों की महिलाएं ले रहीं प्रशिक्षण
डिब्बा बनाने के लिए लक्ष्मी स्वयं सहायता समूह बरवामीर छापर देसही देवरिया, हरियाली स्वयं सहायता समूह हाटा देवरिया, राधा स्वयं सहायता समूह सदर ब्लॉक, पूजा स्वयं सहायता समूह बैतालपुर व राधे-राधे स्वयं सहायता समूह सिंगही की महिलाएं प्रशिक्षण ले रही हैं।
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गांव की महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए एनआरएलएम की ओर से विभिन्न प्रकार की गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। मिठाई का डिब्बा बनाने में किसी मशीन या अतिरिक्त खर्च की आवश्यकता नहीं है। कम खर्च में महिलाएं अधिक मुनाफा कमा सकती हैं। समूह की दर्जन भर महिलाओं को यह प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
- सुमित यादव, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट, डीसी एनआरएलएम
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