एमडीएम : कितने विद्यार्थियों को धनराशि और खाद्यान्न दिया, पता नहीं
देवरिया। मध्याह्न भोजन योजना (एमडीएम) अंतर्गत छात्र-छात्राओं को निर्धारित धनराशि और खाद्यान्न का लाभ देने में माध्यमिक विद्यालयों के जिम्मेदारों ने खूब मनमानी की है। इन लोगों ने बीईओ को इस संबंध में कोई सूचना ही नहीं दी है। ऐसे में कितने छात्रों को धनराशि और खाद्यान्न मिले हैं, इसका कोई डाटा किसी के पास नहीं है। इससे प्रेरणा पोर्टल पर भी इसे अपलोड नहीं किया जा पा रहा है। डीआईओएस ने ऐसे स्कूलों से नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है।
लॉकडाउन के दौरान परिषदीय स्कूलों में एमडीएम का संचालन बंद रहा। इसके बाद शासन की ओर से प्राथमिक, जूनियर के साथ ही इंटर स्तर के जिन स्कूलों में इस योजना का संचालन होता है, उन छात्रों के अभिभावकों के खाते में 76 दिन के एमडीएम की धनराशि भेजने का निर्देश दिया गया। इसमें प्राथमिक स्तर पर प्रति छात्र 375 रुपये, जूनियर स्तर पर 561 रुपये निर्धारित किया गया। साथ ही प्राइमरी के छात्र को 7.600 किलोग्राम व जूनियर स्तर पर प्रति छात्र को 11.400 किलोग्राम खाद्यान्न देना निर्धारित किया गया। इसमें जिले के माध्यमिक स्कूल वालों ने जमकर मनमानी की है।
शासन से इस डाटा को प्रेरणा पोर्टल पर अपडेट करना अनिवार्य कर दिया गया है। ऐसे में अब इन स्कूल वालों से सूचनाएं मांगी जा रही हैं। जिन स्कूलों ने अब तक संबंधित बीईओ को यह सूचना नहीं दी है, उनमें बनकटा का श्रीकृष्ण इंटर कॉलेज, त्रिगुणायत जनता इंटर कॉलेज, कृषक इंटर कॉलेज कड़सरवा, श्रीलखन जी इंटर कॉलेज, सर्वोदय इंटर कॉलेज बखरी, सर्वोदय इंटर कॉलेज गाढ़ा, बापू इंटर कॉलेज सोहनपुर, संग्राम सिंह इंटर कॉलेज अहिरौली बघेल, बब्बन सिंह इंटर कॉलेज रतसिया कोठी एवं नगर क्षेत्र देवरिया व गौरा बरहज क्षेत्र के गया दास इंटर कॉलेज, हर्षचंद इंटर कॉलेज, एसके इंटर कॉलेज, सरोजनी बालिका उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, बीआरडी इंटर कॉलेज, दयानंद उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, महाराजा अग्रसेन इंटर कॉलेज, महाराजा अग्रसेन बालिका इंटर कॉलेज, राजकीय इंटर कॉलेज देवरिया, राजकीय कस्तूरबा कन्या इंटर कॉलेज, एसएसबीएल इंटर कॉलेज प्रमुख रूप से शामिल हैं।
डीआईओएस पीके शर्मा ने बताया कि संबंधित विद्यालयों के प्रधानाचार्यों से वितरित किए गए धनराशि व खाद्यान्न का छात्रवार विवरण व नामांकित छात्रों का सूची एक सप्ताह के अंदर संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय को उपलब्ध कराने को कहा गया है। ऐसा नहीं किए जाने पर संबंधित प्रधानाचार्यों का वेतन बाधित कर दिया जाएगा।