अब मनचलों की खैर नहीं
देवरिया। हाथरस जैसी घटना देवरिया में न घटे इसके लिए एनआरएलएम ने नई पहल की है। स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ उनके घर की किशोरियों को आत्मरक्षा के गुर सिखाए जाएंगे। प्रशिक्षण के बाद यह बेटियां मनचलों से खुद की रक्षा तो करेंगी ही दूसरी किशोरियों के लिए भी सुरक्षा कवच बनेंगी। प्रशिक्षण की शरुआत अगले हफ्ते गौरी बाजार ब्लॉक से होगी। इसमें जूडो-कराटे समेत वह तमाम प्रशिक्षण दिए जाएंगे जिससे वह एक ही वार में मनचलों को चित्त कर खुद को मुसीबत से बाहर निकाल सकें।
जिले में एनआरएलएम की ओर से करीब आठ हजार स्वयं सहायता समूह गठित किए गए हैं। इससे करीब एक लाख परिवार जुड़े हैं। कोई महिला सिलाई-कढ़ाई में जुटी हैं तो कोई सजावटी सामान बना रही हैं। इनके सहयोग में घर की बेटियां भी लगी रहती हैं। यह निडर होकर अपना काम कर सकें इसके लिए ज्वाइंट मजिस्ट्रेट एनआरएलएम सुमित यादव ने आत्मरक्षा प्रशिक्षण की योजना बनाई है। इसके तहत हर ब्लॉक से 50 किशोरियों का चयन कर स्पोर्ट्स स्टेडियम देवरिया में आत्मरक्षा के गुर सिखाए जाएंगे।
अंगूठी को बनाएंगी हथियार
बेटियों को आत्मरक्षा के लिए किसी हथियार की जरूरत नहीं पड़ेगी। वह बाल में लगे क्लिप की वार से सामने वाले को घायल कर देंगी। पर्स, पेन, अंगूठी यह सारे सामान प्रशिक्षण के बाद इनके लिए हथियार बन जाएंगे। अगर ये फेल हो गए तो विशेष प्रकार की ध्वनि निकालकर भारी भीड़ जुटा लेंगी। जिसके बाद मनचलों का घिरना तय हो जाएगा।
एनआरएलएम की ओर से गठित स्वयं सहायता समूह से जुड़े परिवार की बेटियों को आत्मरक्षा के प्रशिक्षण दिए जाएंगे। अगले सप्ताह इसकी शुरुआत गौरीबाजार ब्लॉक से होगी। इसके लिए स्पोर्ट्स स्टेडियम के प्रशिक्षक से बात हो चुकी है। योजना सफल हुई तो इसे सभी ब्लॉकों में संचालित किया जाएगा।
- सुमित यादव, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट, डीसी एनआरएलएम