देवरिया। पशु तस्करी पर लगाम कसने के लिए देवरिया पुलिस ने पुराने तस्करों की पड़ताल शुरू करा दी है। गोरखपुर, मऊ और बलिया के बॉर्डर की तरफ से आने वाले तस्करों पर खास नजर रखी जा रही है।
इसके लिए अभी तक बॉर्डर इलाके के थानों लार, खुखुंदू, सलेमपुर, श्रीरामपुर, भाटपार, बनकटा, खामपार, भटनी, बरियारपुर, मईल, भलुअली आदि में करीब 300 पुराने पशु तस्करों की गतिविधियों की जानकारी कराई जा रही है। इन पर चौकीदारों के माध्यम से नजर रखी जाएगी। गतिविधि संदिग्ध मिलते ही इन पशु तस्करों पर कार्रवाई होगी।
जिले में देवरिया सदर, रुद्रपुर, गौरीबाजार, महुआडीह, तरकुलवा, बघौचघाट, मदनपुर, एकौना, रुद्रपुर, लार, खुखुंदू, सलेमपुर, श्रीरामपुर, भाटपार, बनकटा, खामपार, भटनी, बरियारपुर, मईल, भलुअली समेत 22 थाने हैं। पशु तस्करी के सबसे अधिक मामले लार, खामपार, श्रीराम और बनकटा के मामले में पकड़े जाते हैं। हालांकि, जिले में सबसे अधिक पशु तस्कर खुखुंदू थाना क्षेत्र में चिन्हित हैं। वहीं सलेमपुर थाने में भी पशु तस्करों की संख्या अधिक है।
अब तक जो मामले पकड़े गए हैं, उनमें यह बात निकलकर सामने आई है कि बाहर से आने वाले पशु तस्कर इन स्थानीय तस्करों की मदद से ही गोवंश को बॉर्डर पार कराते रहे हैं। ऐसे में पुलिस का ध्यान अब इस पर है कि अगर इन स्थानीय तस्करों पर लगाम कसी जाए तो बाहर से आने वाले भी आसानी से पकड़े जा सकेंगे।
नदी के किनारे की निगरानी सबसे मुश्किल : पिछले दिनों लार इलाके में शराब तस्करों का नेटवर्क खंगालने के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि सरयू नदी का दियारा तस्करों के लिए काफी सुरक्षित है। भागलपुर के आगे सरयू नदी के एक तरफ देवरिया जिला, दूसरी तरफ बलिया और तीसरी तरफ बिहार के सिवान जिले का गुठनी इलाका लगता है।
यह क्षेत्र नदी का दियारा होने और आबादी विरल होने के चलते तस्करों के लिए बेहद मुफीद है। उस इलाके में अब भी शाम सात बजे के बाद आवागमन कम हो जाता है। रात में नदी के किनारे-किनारे चलते हुए तस्कर बिहार पहुंच जा रहे हैं। पुलिस ने घेराबंदी की तो शराब की एक बड़ी खेप भी बरामद हुई, जिसे तस्कर नदी के किनारे से ले जाने वाले थे।