एमसीएच विंग की लिफ्ट खराब, मरीज होंगे परेशान
प्रथम तल पर भर्ती होंगे मरीज, सांस फूलने की होगी दिक्कत
शोपीस बना मरीजों की सहूलियत के लिए लगी लिफ्ट, पिछले वर्ष 136 मरीजों की हुई थी मौत
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। कोरोना मरीजों के इलाज के लिए एमसीएच विंग में इस बार इलाज का इंतजाम किया गया है। यहां लगी लिफ्ट खराब है। पिछले वर्ष मरीजों को वार्ड में पहुंचने में पसीना छूट गया। अव्यवस्था इस कदर हावी रही कि 136 से अधिक भर्ती मरीजों की मौत हो गई। इस बार भी मेडिकल कॉलेज प्रशासन इसे सुदृढ़ करने की बजाय कोई खास इंतजाम नहीं कर सका है। इसमें लगी लिफ्ट वर्षों से खराब है। ऐसे में मरीजों को दूसरे फ्लोर पर जाने के लिए सीढ़ी व रैंप का सहारा लेना पड़ेगा। ऐसे में सांस फूल रहे मरीजों को कठिनाई होगी।
कोरोना संक्रमण फैल रहा है। इसे देखते हुए संक्रमित मरीजों के इलाज के लिए तैयारी तेज कर दी गई। महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल स्थित एमसीएच विंग में मरीजों के इलाज की व्यवस्था की जा रही है। पहले की तरह भूमि तल पर प्रशासकीय कार्य, चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टाफ, स्टोर आदि होगा। वहीं, आईसीयू, पीआईसीयू प्रथम तल पर होगा। जबकि ऊपर के अन्य तल पर भी मरीजों के इलाज के इंतजाम रहेंगे। पिछली बार कोरोना महामारी के दौरान भी एमसीएच विंग को कोविड अस्पताल बनाया गया था, जहां एक हजार आठ मरीजों को भर्ती कर इलाज किया, इसमें हालत गंभीर होने पर कुछ को रेफर भी किया गया। यहां इलाज के दौरान तकरीबन 139 लोगों की मौत हुई थी। उस समय अधिकांश मरीजों को सांस लेने में तकलीफ की शिकायत थी। मरीजों को परीक्षण के बाद प्रथम तल पर भेजा जाता था। उसे समय लिफ्ट होने के बाद भी मरीजों को ऊपर की मंजिल पर जाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। जिन्हेें स्ट्रेचर व व्हील चेयर नहीं उपलब्ध हुआ उन्हें सीढ़ी तथा रैंप से होने तीमारदार ले गए। कुछ मरीजों की हालत ऊपरी मंजिल तक पहुंचने में बिगड़ गई, वहीं, समय भी अधिक लगा, जिससे सांस लेने में दिक्कत बढ़ गई थी। उस समय सबको लिफ्ट चालू न होने की कमी महसूस हुई, लेकिन धीरे-धीरे स्थिति सामान्य होने पर लिफ्ट की समस्या ध्यान से उतर गई। अगर समय रहते समस्या का समाधान नहीं हुआ तो फिर मरीजों को दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है।
एमसीएच विंग की व्यवस्था को सुदृढ़ करने में जुटा मेडिकल कॉलेज
देवरिया। कोरोना मरीजों के इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज ने एमसीएच विंग में तैयारी तेज कर दी है। यहां सौ बेड को चिकित्सकीय सुविधा से लैस किया जा रहा है। इसमें अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस बीस बेड का आईसीयू, 30 बेड का एचडीयू व 50 बेड का आइसोलेशन वार्ड तैयार करने की योजना है। इस समय आईसीयू, व एचडीयू तैयार कर लिया गया है। हालांकि, अभी मरीज अस्पताल में नहीं आ रहे हैं। इसके बावजूद ये क्रियाशील मोड में है। अब चिकित्सकों व पैरामेडिकल स्टाफ की ड्यूटी की कवायद शुरू कर दी गई है। बृहस्पतिवार को मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार बरनवाल ने जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. आनंद मोहन वर्मा, डॉ. आरके श्रीवास्तव, डॉ. एचके मिश्रा के साथ एमसीएच विंग का निरीक्षण किया। उन्होंने सभी बिंदुओं पर चर्चा की और एक वार्ड को देखा। उन्होंने कमियों को शीघ्र दूर कर व्यवस्था को और सुदृढ़ करने को कहा। साथ ही साफ-सफाई अच्छी तरह से करने का निर्देश दिए। इस दौरान चीफ फार्मासिस्ट बलराम यादव, मुरलीधर गुप्ता, आरपी तिवारी मौजूद रहे।
एमसीएच विंग से हटी इमरजेंसी
देवरिया। एमसीएच विंग के ग्राउंड फ्लोर पर जिला अस्पताल की इमरजेंसी चल रही थी। यहां आने वाले मरीजों को प्रथम तल पर भर्ती किया जा रहा था। कोरोना संक्रमण को देखते हुए अब एमसीएच विंग को पूरी तरह कोविड अस्पताल में तब्दील कर दिया गया है। इसके मद्देनजर बृहस्पतिवार को दोपहर बाद से इमरजेंसी को जिला अस्पताल परिसर स्थित पुरानी इमरजेंसी में शिफ्ट करने का कार्य शुरू कर दिया गया।
कोट:
नोडल अधिकारी डॉ. एचके मिश्रा ने कहा कि कोरोना मरीजों का इलाज एमसीएच विंग में होगा। प्राचार्य डॉ. राजेश बरनवाल व सीएमएस डॉ. एनएम वर्मा ने व्यवस्था को देखा। उनके निर्देश पर व्यवस्था को बेहतर और सुदृढ़ करने की दिशा में कार्य किए जा रहे हैं। सभी मरीजों के लिए स्ट्रेचर व व्हील चेयर की सुविधा रहेगी।