तीन दिन पूछताछ करने के बाद पुलिस ने आखिरकार बरियारपुर थाने के लाहिलपार में गोली कांड का खुलासा बुधवार को कर दिया है। पुलिस ने घटना में शामिल तीन युवकों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। उनके पास से पिस्टल बरामद किया और घटना में प्रयुक्त कार को भी जब्त कर लिया। गोरखपुर में भर्ती मंटू कुमार को साथ ले जाने वाले उसके दोस्तों ने ही पुरानी रंजिश में गोली मारी थी। उन्होंने अपने बयान में स्वीकार भी किया है।
पुलिसिया पूछताछ में कार में साथ मौजूद रुद्रपुर के मिश्रौलिया के अखिलेश कुमार ने खुलासा किया कि पुरानी रंजिश में उसने सदर कोतवाली के खोराराम निवासी मंटू कुमार (24) को रविवार को मेहरौना में गोली मारी थी। उसने बताया कि अपने दो साथी सुरौली के प्रमोद कुमार और शहर के सीसी रोड रामनाथ के विक्की शुक्ला के साथ खोराराम पहुंचा।
इसके बाद मंटू कुमार को कार में बैठा लिया। अखिलेश ने मेहरौना में बाबा के स्थान पर चलने की बात कही। उसने मंटू को बताया कि उसके माता-पिता भी वहां पहुंचे हैं। इसके बाद चारों एक साथ कार में सवार होकर मेहरौना पहुंचे, जहां अखिलेश ने पिस्टल निकाल कार में ही मंटू को गोली मार दी। गोली चलने की आवाज सुन बाबा के स्थान के पास मौजूद लोग उनकी तरफ बढ़ने लगे तो वे लोग वाहन घुमा कर फरार हो गए।
घटना को दूसरी तरफ मोड़ने के लिए अखिलेश ने ही गोली मारने की कही बात
बरियारपुर क्षेत्र के मेहरौना गांव में मंटू को गोली मारने के बाद भाग कर लाहिलपार दुर्गा मंदिर से कुछ दूरी पर पहुंचे थे कि अखिलेश ने बाइक सवार बदमाशों के मंटू को गोली मारने की अफवाह फैला दी। इसके बाद अपने साथियों के साथ मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराने के बाद फरार हो गया। उसने पुलिस को दिग्भ्रमित करने के लिए यह चाल चली थी, लेकिन टॉवर लोकेशन ने उसके मंसूबों पर पानी फेर दिया।
घटनास्थल पर कहीं भी खून के धब्बे नहीं मिलने पर पुलिस को हुआ था शक
लाहिलपार दुर्गा मंदिर से कुछ दूरी पर गोली चलने की सूचना पर एसपी सकंल्प शर्मा, सीओ सलेमपुर दीपक मिश्र जांच के लिए पहुंचे थे। घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद आसपास मौजूद सीसी कैमरे का फुटेज भी चेक किया था। जांच में भी सीसीटीवी फुटेज में बदमाश नहीं दिखे जो उस तरफ जा रहे हो या फिर उस तरफ से गोली मार भाग रहे हो। इसके बाद पुलिस ने टॉवर लोकेशन का सहारा लिया तो घटना का पटाक्षेप हो गया।