रुद्रपुर इलाके में पुलिस के संरक्षण में फलफूल रहे कच्ची शराब के कारोबार के खिलाफ महिलाओं ने मुहिम छेड़ दी है। जिलाधिकारी दफ्तर पर डिब्बों में भरे शराब को लेकर पहुंची महिलाओं ने हंगामा शुरू कर दिया।
महिलाओं ने दफ्तर के बाहर शराब उड़ेला और पुलिस पर कई गंभीर आरोप लगाए। इस दौरान एसडीएम सदर से महिलाओं की नोक-झोंक भी हुई। 21 महिलाओं को शराब फेंकने आैर आवागमन बाधित करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। इसको लेकर शाम तक गहमागहमी का माहौल रहा।
महिला एकता शक्ति की मन्नू तिवारी के नेतृत्व में गुरुवार को महिलाओं ने रुद्रपुर के कोइलगढ़वा गांव में अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ अभियान चलाया। इसके दूसरे दिन तिवई गांव की महिलाएं डिब्बों में भरी कच्ची शराब लेकर डीएम दफ्तर पहुंची।
महिलाओं ने अफसरों का ध्यान खींचने के लिए शराब को डीएम दफ्तर के बाहर उड़ेलना शुरू किया। कर्मचारियों के मना करने पर महिलाओं ने सख्त तेवर अपना लिया।
मौके पर पहुंचे एसडीएम सदर अजय श्रीवास्तव से महिलाओं की नोक-झोंक हुई। महिलाओं ने आरोप लगाया कि रुद्रपुर के कोइलगढ़वा, तिवई गांव में कच्ची का कारोबार पुलिस के संरक्षण में फल फूल रहा है।
इस धंधे में गांव की कई युवतियां और महिलाएं उतर आई हैं। शराब कारोबारी पुलिस के माध्यम से महिलाओं के जरिए शराब बिकवा रहे हैं। इसके साथ गलत काम भी करवाए जा रहे हैं। महिलाओं की बात सुनकर एसडीएम भड़क गए। उन्होंने पुलिस को सूचना दी। प्रभारी निरीक्षक गोपाल त्रिपाठी और महिला थाना प्रभारी मंजू सिंह ने महिलाओं को समझाना चाहा लेकिन महिलाओं से उनकी भी कहासुनी हुई। इंस्पेक्टर ने बताया कि एसडीएम के निर्देश पर महिला पुलिस ने 21 महिलाओं को शराब फेंकने और आवागमन बाधित करने के आरोप में गिरफ्तार किया है।