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चार राजस्व कर्मियों ने दो कट्ठा भूमि करा ली अपनों के नाम

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चार राजस्व कर्मियों ने दो कट्ठा भूमि करा ली अपनों के नाम
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कमिश्नर के निर्देश पर तीन लेखपालों का दूसरी तहसील में हुआ तबादला
जांच में हो कई और लेखपालों के नाम आ सकते हैं सामने
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। सदर तहसील क्षेत्र के तीन लेखपालों और एक कानूनगो ने गोरखपुर रोड पर स्थित करीब दो कट्ठा भूमि अपनों के नाम करा ली। सूत्रों के मुताबिक यह भूमि एसएसबीएल इंटर कॉलेज के निकट है। यदि ठीक से जांच हो तो अभी दस से अधिक लेखपालों के नाम ऐसे मामलों में आ सकते हैं। जिन्होंने विवादित भूमि का बैनामा अपनों के नाम करा लिया हो। उधर, मामला संज्ञान में आने के बाद कमिश्नर के निर्देश पर डीएम ने तीन लेखपालों का स्थानांतरण गैर तहसील कराकर जांच कराएं जाने की बात कहीं है। यह हाल तब है जब सीएम के निर्देश पर भू माफिया की सूची बन रही है।
दरअसल, शासन द्वारा जब भी भूू माफिया की सूची मांगी जाती है तो अधिकारी लेखपालों से इसके बारे में जानकारी मांगते हैं। सूत्रों के अनुसार, सूची में ऐसे नाम भेजे जाते हैं जो मामूली जमीनों को कब्जाए रहते हैं। कमिश्नर से कुछ लोगों ने शिकायत की कि गोरखपुर रोड पर एसएसबीएल इंटर कॉलेज के निकट 28 एयर जमीन जो लंबे समय से स्कूल के कब्जे में थी। लेखपालों की साठगांठ से सात लोगों बैनामा करा लिया। जब ये लोग कब्जा लेने गए तो शहर के तीन लेखपाल और एक कानूनगो ने सभी बैनामेदारों की जमीन पैमाइश कर कहा कि मौके पर जमीन कम है ऐसे में कम पर ही संतोष करना होगा।
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उधर,थोड़ी-थोड़ी जमीन सबसे कम कर 33 फुट चौड़ी और 80 फुट लंबी जमीन एक जगह एकत्रित कर कई खातेदारों को मिलाकर उनके हक हिस्से से अधिक का बैनामा तीन लेखपालों ने मां और कानूनगो ने बहू के नाम करा ली। जिस भूमि का राजस्व कर्मियों ने बैनामा कराया है उसकी बाजार की कीमत ढाई करोड़ से अधिक है। इसे बेचने की तैयारी की जा रही है। उधर, देवरिया खास का एक अन्य प्रकरण में हाईकोर्ट ने प्रशासनिक अधिकारियों एवं राजस्व विभाग के रिटायर्ड लेखपाल पर सवाल खड़ा कर दिया। आनन- फानन में लेखपाल के खिलाफ कोतवाली में केस दर्ज करा दिया गया और तीन लेखपालों को गैर तहसील स्थानांतरण कर दिया गया।
हिस्से अधिक का हुआ बैनामा
सूत्रों की मानें तो बैनामे में स्टांप की चोरी की गई, वहीं हक से अधिक हिस्से का बैनामा कराया गया। जांच हुई कई लोगाें पर धोखाधड़ी का केस दर्ज हो सकता है। तीन लेखपालों ने मां और एक कानूनगो ने बहू के नाम बैनामा कराया है।
बैनामा लेखपालों ने नहीं लिया है। उनके परिवार वालों ने लिया होगा। इसमें लेखपालों की कोई भूमिका नहीं है। अगर कोई जांच में लिप्त पाया जाता है तो प्रशासन कार्रवाई कर सकता।
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नागेशपति त्रिपाठी
जिलाध्यक्ष
लेखपाल संघ
लेखपालों के द्वारा अपनों के नाम जमीन बैनामा कराने का मामला संज्ञान में आया है। पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। रिपोर्ट के बाद संबंधित लेखपालों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
आशुतोष निरंजन
डीएम
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