अपात्रों से की जाएगी किसान सम्मान निधि की वसूली
डॉक्टर, इंजीनियर, आयकर दाता और पति-पत्नी दोनों ने ली है किसान सम्मान निधि
नोटिस में विभाग का खाता नंबर अंकित कर रुपये जमा करने के दिए निर्देश
सोशल ऑडिट में पकड़े गए 26 हजार अपात्र
धन वापस न करने पर जारी होगी आरसी
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। किसान सम्मान निधि लेने वाले 26 हजार डॉक्टर, इंजीनियर, आयकरदाताओं और अन्य अपात्रों से रकम से वसूली की जाएगी। सोशल ऑडिट में पकड़े गए अपात्रों को कृषि विभाग ने नोटिस भेजकर रुपये जमा करने के निर्देश दिए हैं। अभी तक 4,71,185 किसान, किसान सम्मान निधि पा चुके हैं। इस बार 1.70 लाख किसानों को 11वीं किस्त देने की बारी आई तो पता चला कि इसमें करीब 15 प्रतिशत किसान विभिन्न कारणों से अपात्र हो गए हैं।
किसान सम्मान निधि देने में शुरू से ही बड़ा खेल हुआ है। आला अफसरों के दबाव के कारण किसान सम्मान निधि की किस्त जल्दी-जल्दी बैंक खातों में भेज दी गई। बिना पात्रता की जांच के भेजी गई दस किस्तों में अपात्रों ने फायदा उठा लिया है। अभी 1.70 लाख किसानों को 11वीं किस्त दी जानी है। पात्रता की जांच के लिए सोशल ऑडिट कराया गया तो कई चौंकाने वाली बातें सामने आईं हैं। 5600 ऐसे लोगों ने किसान सम्मान निधि हथिया ली है, जो आयकर दाता हैं। नौकरी पेशा करने के कारण आयकर जमा किया है, जबकि डॉक्टर, इंजीनियर और अच्छी नौकरी करने के बाद करीब 10 हजार लोगों ने किसान सम्मान निधि ले ली है। काफी संख्या में ऐसे लोग हैं, जो भूमि बेचने के बाद भूमिहीन हो चुके हैं, लेकिन पुरानी खतौनी के जरिए रुपये ले चुके हैं। इतना ही नहीं पति और पत्नी के मरने के बाद उनके खाते में परिजनों ने रुपये लेकर एटीएम कार्ड के जरिए रुपये निकाल लिया है। कुछ मामलों में पति और पत्नी दोनों ने किसान सम्मान निधि ली है। जबकि नियम है कि एक ही व्यक्ति को मिलेगा। यहां तक कि पति के नौकरी करने के बाद भी पत्नी ने रुपये ले लिया है। विभागीय सूत्रों की बातों पर गौर किया जाए तो 11वीं किस्त देने की बारी आने पर 1.70 लाख किसानों की जांच सोशल ऑडिट के जरिए हुई तो पता चला कि 26 हजार लोग अपात्र हैं। इसके साथ ही करीब 40 हजार किसानों ने केवाईसी नहीं जमा किया है। केेवाईसी न जमा करने वाले किसानों को विभाग ने 30 मई तक का समय दिया है। जबकि अपात्र होने के बाद भी किस्त लेने वाले लोगों को नोटिस देकर रुपये वापस करने के निर्देश दिए हैं। अब देखना है कि विभाग कितने अपात्रों से रुपये वसूली करने में कामयाब हो पाएगा।
कोट
जिन आयकर दाताओं ने सम्मान निधि ली है, उनको 31 मई तक धन वापस करने को कहा गया है। अन्य अपात्रों को जून माह तक का समय दिया गया है कि रुपये लौटा दें। अगर रुपयेे नहीं वापस किए तो उनके खिलाफ आरसी काट कर वसूली की जाएगी।
-राजेश कुमार, उप कृषि निदेशक