डीजीपी के आदेश से खलबली, दो तिहाई थानों पर रहेंगे इंसपेक्टर
देवरिया। पूर्वांचल के कमोवेश सभी जिलों में सत्ताधारी सफेदपोश नेताओं के दबाव में मनमाने तरीके से बड़े थानों की कमान उपनिरीक्षकों को सौंप दी गई है। इसकी शिकायत शासन स्तर पर होने के बाद डीजीपी ने तैनाती में इंस्पेक्टरों को वरीयता देने का फरमान जारी किया है।
डीजीपी के आदेश के बाद सत्ताधारी दल के सफेदपोश नेताओं में खलबली मच गई है। वह अपने-अपने थानेदार की कुुर्सी सुरक्षित करने की जुगाड़ में जुट गए हैं। आंकड़ों पर गौर करें तो जिले में महिला थाने को लेकर 19 थानों में 10 थानों की कमान उपनिरीक्षकों के पास है। ऐसे में तकरीबन पांच से अधिक थानेदारों पर गाज गिरनी तय है।
जो भी दल सत्ता में रहता है, वह अपने पसंद के थानेदारों की पोस्टिंग कराने के लिए अपनी पूरी ताकत लगा देता है। जिले में भी कुछ ज्यादा ही जोर सत्ताधारी सफेदपोश नेताओं ने लगा रखी है। कई ऐसी घटनाएं हैं, जिसमें सफेदपोश नेताओं के इशारे में लोगों को गुंडा एक्ट, गैंगस्टर एक्ट में पाबंद कर दिया गया है। सर्वाधिक शिकायतें देवरिया सीओ सर्किल के थानों की हैं। चर्चा है कि यहां सफेदपोश नेताओं ने अपने विरोधियों को सबक सिखाने के लिए थानेदारों की पोस्टिंग कराकर खूब मनमानी की है। थानेदारों के दम पर फर्जी केस लोगों पर दर्ज कराए गए हैं। सच्चाई जो भी हो, ऐसी शिकायतें हर जिले में है। मनमानी चरम पर पहुंचने की वजह से डीजीपी को फरमान जारी करना पड़ा है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया है कि थानेदारों की तैनाती में मनमानी नहीं होनी चाहिए तथा दो तिहाई थानों पर इंसपेक्टर की तैनाती की जाए।
बड़े थानों पर जमे हैं उपनिरीक्षक
जिले में 18 थाने हैं। इसके अलावा महिला थाना है। 19 थानेदारों की तैनाती पर गौर करें तो सीओ सदर सर्किल में रामपुर कारखाना, बघौचघाट, रुद्रपुर सर्किल में एकौना, सलेमपुर सर्किल में खुखुंदू, भाटपाररानी सर्किल में बनकटा, भटनी, खामपार, भाटपाररानी, बरहज सीओ सर्किल में भलुअनी, मईल थाने की कमान उपनिरीक्षकों को सौंप दी गई है। जबकि कई इंसपेक्टर कार्यालयों की शोभा बढ़ा रहे हैं। कई की छवि दागी दरोगा की है। इसके बावजूद सफेदपोश नेताओं की परिक्रमा पर मौज कर रहे हैं।
दूसरे जिले के इंसपेक्टरों की हो सकती है तैनाती
डीजीपी ने जोन स्तर के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि जिलों में तैनात एसओ की मॉनीटरिंग करें, अगर किसी जिले में इंस्पेक्टरों की कमी हो तो दूसरे जनपदों से ट्रांसफर, पोस्टिंग कर समन्वय स्थापित करें। इसके बाद महकमे में खलबली मच गई है। डीजीपी का स्पष्ट निर्देश है कि दो तिहाई इंसपेक्टरों की तैनाती होनी चाहिए। ऐसे में जिले के 14 थानों की कमान इंस्पेक्टरों को सौंपी जानी तय है। अभी महिला थाने को लेकर नौ की ही तैनाती है। ऐसे में पांच थानेदारों की कुर्सी डगमगाने लगी है।
जैसा निर्देश प्राप्त होगा, उसी के तहत पोस्टिंग की जाएगी। किसी के दबाव में कोई पोस्टिंग नहीं की गई है।
डॉ. श्रीपति मिश्र, एसपी